मनोविज्ञान क्या है,मनोविज्ञान के बारे में बेसिक जानकारी- Meaning of psychology in Hindi

मनोविज्ञान क्या है,मनोविज्ञान के बारे में बेसिक जानकारी- Meaning of psychology in Hindi

Psychology एक साइंटिफिक study है।जिसका मैंन focus हमारे brain function और human behavior को समझना है। data इकट्ठा करने के लिए psychology, न्यूरोसाइंस, एंथ्रोपोलॉजी, और फिजियोलॉजी जैसे फील्ड की मदद की मदद लेती है।(Meaning of psychology in Hindi)

मनोविज्ञान की शाखाएं-Branches of psychology in Hindi

मनोविज्ञान की 50 से ज्यादा शाखाएं हैं। लेकिन आज हम कुछ विशेष शाखाओं के बारे में ही जानकारी देंगे। जिनका सीधा संबंध हमारे brain function और human behavior का अध्ययन करना है।

1) सामान्य मनोविज्ञान(Normal psychology)-

इसके अंतर्गत हम मानव के समान व्यवहारों का अध्ययन करते हैं।

2) असामान्य मनोविज्ञान(Abnormal psychology)

इसके अंतर्गत हम मानव के असामान्य व्यवहार का अध्ययन करते हैं। जिसमें dual personality जैसी चीजें शामिल है।

3) शिक्षा मनोविज्ञान(Educational psychology)

इसके अंतर्गत हम मनोविज्ञान के नियमों और सिद्धांतों का उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में करते हैं।

4) पशु मनोविज्ञान(Animal psychology)

इसके अंतर्गत हम पशु और मानव के असामान्य और सामान्य व्यवहारों की तुलना कर उनका अध्ययन करते हैं।

5) बाल मनोविज्ञान(Child Psychology)

इसके अंतर्गत हम 12 साल से कम उम्र के बच्चों का व्यवहार का अध्ययन करते हैं।

6) किशोर मनोविज्ञान(Adolescent psychology)

इसके अंतर्गत हम 13 से 18 वर्ष के किशोरों का अध्ययन करते हैं जिस में शामिल है उनके behaviour और मानसिक स्थिति का अध्ययन।

दोस्तों इसके आगे मनोविज्ञान की और भी बहुत सारी शाखाएं हैं। जिसमें हम humans के किसी particular व्यवहार, brain function का अध्ययन करते हैं।

मनोविज्ञान का इतिहास-History psychology in Hindi

वैज्ञानिक काल से पूर्व मनोविज्ञान(psychologist hindi)को दर्शनशास्त्र का ही एक अंश माना जाता था। सबसे पहले psychology शब्द का प्रयोग Rudolf Gockel नामक वैज्ञानिक ने सन 1590 में किया था। psychology ग्रीक के दो शब्द Psyche+Logo से मिलकर बना है। जिसमे psyche का अर्थ आत्मा और Logo का अर्थ अध्ययन से है। इन दोनों शब्दों को जोड़ने पर बनता है आत्मा का अध्ययन करने वाला विज्ञान।

16वी शताब्दी तक इसे केवल आत्मा का विज्ञान ही माना जाता रहा। इसे आत्मा का विज्ञान मानने वालों में प्रसिद्ध नाम शामिल थे प्लेटो, अरस्तु और भारतीय ऋषि मुनि। 17वी शताब्दी आते आते वैज्ञानिक इसे मन का विज्ञान कहने लगे। सन 1879 में मनोविज्ञान की पहली प्रयोगशाला का आरंभ विल्हम ने किया। ठीक इसके बाद ही मनोविज्ञान को एक अलग विषय के रूप में पहचान मिली।

19वी शताब्दी में कुछ वैज्ञानिकों ने इसे अपने मत के अनुसार चेतना का विज्ञान कहना शुरू कर दिया जिसमें प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक (psychologist hindi) विलियम जेम्स जैसे बहुत से वैज्ञानिक शामिल थे। आज बीसवीं शताब्दी तक इस विज्ञान के 50 से ज्यादा शाखाएं बन चुकी है।

मनोविज्ञान से जुड़े कुछ प्रयोग का अध्ययन-Psychological experiments meaning in Hindi

Human brain काफ़ी complex है जिसकी वजह से हर अगले दिन कोई ना कोई research publish होती है। जो हमारे brain function और human behavior के बारे में कुछ ना कुछ नया बताती है। आगे हम कुछ ऐसे ही रिसर्च के बारे में बात करेंगे। जिसकी मदद से आप अपने बारे में कुछ नया सीख पाओगे।

1)आप जिस तरह से दुनिया को देखते हो। यह निर्भर करता है कि आप किस तरह की फिल्म और टीवी सीरीज को देखना पसंद करते हो। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग crime, investigation या detective वाले टीवी show या फिल्मे या न्यूज़ देखते हैं।

ऐसे लोग दुनिया में होने वाले serious crime को overestimate करते है। इस तरह की फिल्में, टीवी shows, न्यूज़ उन्हें यह सोचने के लिए मजबूर करते हैं की दुनिया काफी डरावनी जगह है। और वह एक victims की तरह है।

जबकि जो लोग ज्यादा comedy और fantasy पर आधारित फिल्में, टीवी शोज और न्यूज़ देखते हैं। ऐसे लोग दुनिया को ज्यादा positively देखते हैं। यह research हमें बताती है कि daily basis पर जिस तरह कि मीडिया को consume करते हैं। वह हमारी दुनिया को देखने के positively और negatively हिस्से को effect करता है। मतलब हमें अच्छी चीजें ही देखना चाहिए।

2) हमारे सोच और हमारे दिमाग की समझने की ability हमारे culture पर निर्भर करता है। प्रयोगों में यह बात सामने आई है की Asian countries मे लोगों के mental processes अलग होते हैं Western countries के लोगों से। इसी वजह से Asian countries के लोगों के problems को solve करने के तरीके ज्यादा holistic होते हैं। और वह सामान्य से दिखने वाली चीजों में भी छिपे हुए patterns को ढूंढने में सक्षम होते हैं। जबकि western लोगो की thinking ज्यादा analytical होती है।

3) हम एक समय पर केवल 150 लोगों के साथ ही close relationship रख सकते हैं। इस प्रयोग के माध्यम से वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे। की हर species के social group मे कितने लोग शामिल रहते हैं। यह 150 लोग ही हमारे psychology और सर्वाइवर को decide करते हैं।

4) जब भी हमें कोई नियम बहुत strict लगता है या फिर जब ऐसा लगता है की हमसे हमारी freedom छीनी जा रही है। तब हमारा मन करता है कि हम सिर्फ वही rule नहीं बल्कि बाकी और सभी rules भी तोड़े। psychologist हमारे इस व्यवहार को बोलते हैं”reactance”। यह रिसर्च हमें बताता है कि क्यों किसी पर भी गुस्सा करके या उन्हें जबरदस्ती force करके बात मनवाना। effective नहीं होता है। हम दूसरों की बात तभी माना पसंद करते हैं। जब हमें लगता है कि हम वह काम अपनी मर्जी से कर रहे हैं।

5) हमारी सबसे important और पक्की यादें गलत होती हैं जैसे हमारे स्कूल का पहला दिन, या हमारा पहला kiss इन चीजों के बारे में अगर हम आपसे पूछे तो आप बहुत ही जल्दी बता देंगे। पर research के हिसाब से हमें इन यादों का ज्यादातर हिस्सा incorrectly याद रहता है।

साइकोलॉजी(Meaning of psychology in Hindi)बताती है कि हमारी सबसे पक्की यादे Flashbulb memory होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारी यादों से हमारा दिमाग भविष्य के लिए जरूरी information इकट्ठा करता रहता है। जिसकी वजह से हमें ज्यादातर यह याद नहीं रहता है कि हमारे past मे क्या हुआ था। जबकि हमें यह याद रह जाता है की हमने उस event को किस तरह से interpret किया था।

साइकोलॉजी की मदद से प्यार को समझें-Psycho meaning in Hindi

दोस्तों हम प्यार के साइकोलॉजी(psychologist meaning in hindi) को समझने वाले है। प्यार के तीन stages होते है। (1) physical attraction (2)Romantic love (3)Attachment यह सभी stages अलग-अलग न्यूरोट्रांसमीटर्स और हार्मोन से संबंधित है।

दोस्तों अब हम जानने वाले हैं first step यानी physical attraction के समय हमारे दिमाग में क्या-क्या हो रहा होता है। इस पल हमारे दिमाग में बहुत सारा डोपामिन release हो रहा होता है। यह दिमाग के उस हिस्से में हो रहा होता है।

जिसमे हमें rewards मिलने पर खुशी जिस हिस्से मे होती है। इसके साथ ही हमारे दिमाग में एक और dopamine रिलीज होता है जिसका नाम है-Norepinephrine यह केमिकल हमें बहुत ज्यादा excite करता है जिससे हमारी heartbeat बढ़ जाती है। अगर हम ज्यादातर रिलेशनशिप का अध्ययन करें तो पता चलता है की ज्यादातर रिलेशनशिप physical attraction तक खत्म हो जाता है।

अब हम 2nd stage की बात करने वाले हैं क्योंकि इसी stage पर हम अपने पार्टनर पर पूर्णता विश्वास कर पाते हैं। यहां तक पहुंचते-पहुंचते हमारी रिलेशनशिप का पागलपन भी खत्म हो जाता है। और हम यह समझने लगते हैं कि कौन हमारे time और energy के लायक है। इस stage मैं हमारे दिमाग में कौन से केमिकल रिलीज होते हैं इसका पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने उन लोगों का MRI scene किया जो पहले से प्यार में थे। इन लोगों के अध्ययन से पता चला कि,

जब भी इन लोगों के पार्टनर इनके सामने आते हैं तब इनके दिमाग में dopamine के साथ साथ Endorphins भी release होता है। यह केमिकल ऐसे चीजों का कॉन्बिनेशन है। जो हमारे दिमाग में किस चीज के प्रति addiction को बढ़ाता है। यानी हमारे दिमाग में love का effect ऐसा बन जाता है जैसे हमने cocaine लिए हो।

अगर ऐसी स्थिति हम अपने सामने वाले partner में उत्पन्न कर पाते हैं। तब आपका partner प्यार में पड़ जाता हैं। हमें यह भी जानना चाहिए कि जब ऐसी situation में Dopamine बढ़ता है तब serotonin की मात्रा घटने लगती है। नए अध्ययन से पता चला है कि जिन लोगों को Obsessive compulsive disorder होता है उनके दिमाग में भी सेरोटोनिन कम होता है। शायद यही कारण है कि romantic love हमारे अंदर पागलपन क्रिएट कर देता है। इसका benefit यह होता है कि हमारा पार्टनर जब इस स्टेज पर पहुंच जाता है। तब वह हमारी negative चीजों को इग्नोर करने लगता है। और positive चीजों पर ही फोकस करता है।

साइकोलॉजी की मदद से बुद्धिमान कैसे बने-Psychology meaning in hindi

Psychology मे wisdom की एक सिंगल definition ढूढ़ना काफ़ी मुश्किल है। कई लोगों के हिसाब से wisdom लोगो के experience से मिलती है। जबकि कई लोगों का मानना है की wisdom का मतलब इस बात का पता होना है कि सही या गलत क्या है।

अलग-अलग परिभाषा होने के बावजूद भी हम लोगों को देखकर यह बता सकते हैं कि वह बुद्धिमान है या नहीं। साइकोलॉजी(psy in hindi)के अनुसार लोग जितना ज्यादा बुद्धिमान होते है। उनका दुनिया का समझने का तरीका उठना ही अच्छा होता है। आगे हमें जानने वाले है ऐसे कुछ qualities के बारे में जो एक इंसान को बुद्धिमान बनाते है।

1) बुद्धिमान लोग काफी experience होते हैं मतलब वह हर समय अपने चारों तरफ हो रही चीजों पर focus रहते हैं। और एक student की तरह नई नई चीजों को सीखते रहते हैं। ऐसे लोग अपने comfort zone छोड़कर दुनिया को एक नए नजरिए से देखते हैं। और अपने आप को एक बेहतर इंसान बनाते हैं।

लेकिन नए-नए experiences आपको बुद्धिमान नहीं बना सकते है। बल्कि इसके साथ चाहिए आपको introspection मतलब किसी भी experience के बाद उस पर reflect करना यानी यह सोचना कि इससे आपने क्या सीखा।

2) बुद्धिमान लोग Obvious knowledge की depth को समझते है। मतलब की जो बातें हमारे दादी दादा या मम्मी पापा हमें बताते हैं आज विज्ञान की मदद से उन्हें सच साबित किया जा रहा है। अगर आप किसी सवाल को किसी साधु या monk से पूछेंगे तो उनका जवाब एकदम नार्मल होता है। लेकिन उनके समझाने का तरीका एकदम depth तक तक होता है।

3) बुद्धिमान लोग दयालु होते हैं। यानी बुद्धिमान होने का मतलब है अपने निर्णय ऐसे लेना की आपने और सोसाइटी के जरूरतों को पूरा कर सकें। एक नॉर्मल इंसान दूसरे लोगों पर अपने विश्वास को जबरदस्ती force करता है जैसे धर्म को बदलना शामिल है जबकि एक बुद्धिमान (psychologist meaning in hindi)इंसान शांति पसंद करता है। जिसके बाद से वह दूसरों को उनका विश्वास छोड़ने के लिए convence नहीं करता है और जितना जरूरत होता है उतना ही बोलता है। बुद्धिमान(psy in hindi) लोग दुसरो की hates को अभी हसीं मे उड़ा देते है। क्योंकि वह जानते हैं यह सभी चीजें temporary है।

4) बुद्धिमान लोगों ने बहुत सारी प्रॉब्लम देखी होती है। क्युकी wisdoms तक पहुंचने का रास्ता suffering से ही होकर गुजरता है। हम लोग कई बार ऐसा देखते भी हैं कि छोटे-छोटे बच्चे भी अपनी age के हिसाब से बहुत ज्यादा बुद्धिमान होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह (Meaning of psychology in Hindi)बचपन में ही ऐसे माहौल से गुजर चुके होते हैं। जिनके बारे मे हमें सोचा भी नहीं सकते है। और यही चीजें उन्हें बड़ों से बुद्धिमान बनाती हैं।

5) बुद्धिमान लोग काफी धैर्यवान होते हैं। मतलब patient एक ऐसा स्टेट ऑफ माइंड है जहां हमारा पूरा ध्यान present पर होता है। और हम जल्दी सही निर्णय ले पाते हैं। wisdom के बढ़ने के साथ साथ हमें यह समझ जाते है की हर चीज को force करके बदला नहीं जा सकता है। अगर आप expect करते हो कि हर चीज जल्दी-जल्दी हो तब आप उन चीजों को भूल जाते हो जो आस पास हो रही होती है।

यह article “मनोविज्ञान क्या है,मनोविज्ञान के बारे में बेसिक जानकारी- Meaning of psychology in Hindi“पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया उम्मीद करता हुँ। कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।