चाय पीने के 20 फायदे और नुकसान संपूर्ण जानकारी(Chai Peene ke fayde)

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अगर आपसे पूछा जाए कि चाय पीने के फायदे है या नुकसान तो आखिर आपका जवाब क्या होगा। शायद इस बारे में आप सभी के अलग अलग जवाब हो सकते हैं लेकिन एक बात तो तय है कि चाय पीने के फायदे भी होते हैं और नुकसान भी जोकि किसी भी व्यक्ति के चाय पीने के तरीके और चाय को बनाते वक्त की गई गलतियों पर डिपेंड करता है।

अगर चाय बनाने और चाय पीने ये दोनों ही तरीका सही होता है तो चाय शरीर को फायदा पहुंचाता है और अगर इसमें कोई गलती होती है तो चाय पीने के कई सारे नुकसान भी हो सकते हैं इसलिए किसी भी व्यक्ति के लिए इस बात का जानना जरूरी है कि जिस चाय का हर घर में पूरे दिन में कई बार इस्तेमाल किया जाता है आखिर उसका हमारी सेहत पर क्या नुकसान और क्या फायदे हो सकते हैं।

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क्या Black tea चाय पीना चाहिए

दोस्तो वैसे तो दुनियाभर में कई तरीके की चाय का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन हमारे देश भारत में जिस चाय का सबसे सादा सेवन किया जाता है वो है ब्लैक टी यानि काली चाय और कुछ लोग इस चाय में दूध डालकर भी इस्तेमाल करते हैं। इसलिए अभी से ही सवाल उठता है कि अगर चाय पीते भी हैं तो काली चाय और दूध वाली चाय में कौन सी चाय पीना चाहिए।

चाय पीने के क्या क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते हैं चाय का पीना चाय कब नहीं पीना चाहिए। एक दिन में कितना कप चाय पिया जा सकता है। चाय के नुकसान से बचने के लिए चाय बनाने का सही तरीका क्या होना चाहिए और कैसे ज्यादा चाय के इस्तेमाल से कोई नुकसान भी हो सकते हैं। पूरी जानकारी पाने के लिए आर्टिकल का पूरा जरूर पढ़े ।

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चाय पीने के फायदे

सबसे पहले बात करते हैं क्या कि चाय पीने के क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते हैं। दूसरी चाय के फायदे नुकसान को ठीक से समझने के लिए पहले हमें चाय बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के बारे में समझना होगा। वैसे तो चाय बनाने में चीनी और दूध का भी इस्तेमाल किया जाता है लेकिन ये सबसे मेन चीज का इस्तेमाल किया जाता है वह चाय पत्ती।

इसलिए सबसे पहले हमारे लिए समझना जरूरी है कि आखिर चायपत्ती में शरीर को फायदा और नुकसान पहुंचाने वाली कौन कौन सी चीजें मौजूद होती हैं। दूध चाय पत्ती मौजूद जो चीजे शरीर को फायदा पहुंचाती है वही इसमें पाए जाने वाला पोली फिनाइल फ्लेवर चाय और दूसरे एंटीऑक्सिडेंट जिसे की चाय का सही मात्रा में और सही समय पर इस्तेमाल करने से ये शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को घटाता है।

एजिंग प्रोसेस को स्लो डाउन करता है और इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने के साथ साथ ये शरीर को कई तरह के कैंसर सेल्स से प्रोटेक्ट करने में भी काफी हद तक मदद करता है। साथ ही चाय में इलियाना नाम का अमीनो एसिड मौजूद होता है जो कि ब्रेन को रिलैक्स करके फोकस करने की क्षमता को कुछ देर के लिए इम्प्रूव कर देता है और खासकर जिन लोगों को सर्दी जुकाम या फिर गले में खराश जैसी प्रॉब्लम होती है उन्हें चाय में तुलसी और अदरक जैसी चीजों को डालकर देने से उनकी हालत में काफी हद तक सुधार आता है।

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चाय से होने वाले नुकसान

चाय पीते वक्त इस बात का भी ख्याल रखना जरुरी है कि जो लोग अक्सर चाय पीते हैं उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता कि दिनभर में कितना चाय पीना चाहिए और इसे पीने का सही समय क्या होना चाहिए और यही वजह है कि चाय का गलत मात्रा में और गलत समय पर इस्तेमाल करने से ये शरीर को धीरे धीरे भारी नुकसान भी पहुंचा सकता है। पर ऐसा इसलिए क्योंकि चाय अंदर यह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली चीज होती है।

वहीं इसमें पाए जाने वाला टैनिन और कैफीन चाय में मौजूद टैनिन शरीर में आयरन का हिस्सा होने से रोकता है और जिसकी वजह से चाय का सदा मात्र में इस्तेमाल करने से शरीर में धीरे धीरे आयरन की कमी होने लगती है और शरीर में आयरन की कमी होना इतना कॉमन है कि सिर्फ हमारे देश भारत में हर साल लगभग एक करोड़ लोग आयरन डिफेंस इंजरी के शिकार हो जाते हैं। इसलिए इस बात को भी नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं किया जा सकता।

साथ ही चाय पीने में की गई गलतियों की वजह से अपचन एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्या भी शुरू होने लगती है। इसके अलावा चाय में जब कैफीन नाम का पदार्थ होता है उसका हमारे शरीर पर कई तरह से बुरा असर पड़ता है क्योंकि सबसे पहली बात तो ये कि कैफीन एक स्लो एक्टिव ड्रिंक की तरह काम करता है जिसका असर सीधा दिमाग पर होता है और इसलिए ज्यादा चाय पीने वाले लोगों को धीरे धीरे इसकी लत लगने लगती है और यही वजह है कि जब एक बार किसी भी व्यक्ति को चाय पीने की आदत हो जाए तो उन्हें वक्त पर चाय ना मिलने से सरदर्द बेचैनी और चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है।

इतना ही नहीं चाय का सही मात्रा में इस्तमाल करने से उसमें मौजूद कैफीन की वजह से स्ट्रेस इनसाइड टी सीने में जलन दिल की धड़कन का तेज होना रातों को जल्दी नींद ना आने की समस्या और यहां तक कि प्रेग्नेंसी के दौरान भी कई तरीके की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन ऐसा तब होता है जब कोई व्यक्ति सदा मात्रा में या फिर गलत समय पर चाय का सेवन करता है। इसलिए अब बात आती है कि अगर चाय पीते भी हैं तो उसके नुकसान से बचने के लिए कौन कौन सा तरीका अपनाना चाहिए।

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चाय के नुकसान से बचने के तरीके

दोस्तो चाय के नुकसान से बचने के लिए तीन बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। पहला चाय बनाने का सही तरीका दूसरा चाय पीने का सही समय यदि कप पीना चाय के कप नहीं पीना चाहिए और तीसरा है चाय की सही मात्रा यानी दिनभर में कितना चाय पिया जा सकता है।

दोस्तो चाय बनाने के सही तरीके का पता होना इसलिए जरूरी है कि कि जब चाय बनाने में ही गलती होती है तो चाय पीने का तरीका सही होने के बावजूद उसका शरीर को सिर्फ नुकसान ही पहुंचता है और चाय बनाने में जो हमारी यह सबसे पहली गलती की जाती है वह चाय को बहुत ज्यादा देर तक पकाना चाय को जितनी ज्यादा देर तक पकाया जाता है उसमें फायदा पहुंचाने वाली चीजें उतनी कम होती जाती हैं और शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले टॉक्सिन्स उतना ही सदा पड़ते जाते हैं।

इसलिए बेहतर है कि चाय को लो टेम्प्रेचर के कम से कम समय के लिए उबालना चाहिए और उससे भी अच्छा तरीका ये है कि सबसे पहले सिर्फ पानी को अच्छी तरह गर्म कर लें और उसके बाद उस पानी में चाय पत्ती और बाकी सभी चीजें डालकर इस्तमाल करना चाहिए।

यहां एक बात का और खेलना जरूरी है कि बाहर की जैसे जहां तक हो सके परहेज ही करना चाहिए क्योंकि बाहर में बनाई जाने वाली चाय में अक्सर ही एक ही पत्ती को बार बार इस्तेमाल किया जाता है जिससे की चाय में जहरीले पदार्थ की मात्रा। जो कि शरीर को और भी कई गुना साधन नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि अगर आप दुकान वाले को बोलकर नई पद्धति से चाय बनवाते हैं तो ऐसी चाय का बाजार में भी इस्तमाल किया जा सकता है।

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दूसरी बात ये कि हमने अब तक जो भी चाय के फायदे के बारे में जाना है वो फायदे बिना चीनी वाली चाय के थे क्योंकि चाय में चीनी मिलाने से चाय के फायदे कम हो जाते हैं और उसका नुकसान भी कई गुना बढ़ जाते हैं कि चाय में चीनी की मात्रा जितनी ज्यादा होती है वो शरीर को भी उतना ही सदन नुकसान पहुंचाता है। चीनी ब्लड शुगर को इंक्रीज करता है और शरीर में चर्बी की मात्रा को बढाने के साथ साथ चेहरे और शरीर पर एक्ने पिंपल्स भी पैदा करने लगता है।

साथ ही चीनी भी कैफीन की तरह एक्टिव होने की वजह से ये चाय की आदतों को और भी कई गुना ज्यादा बढ़ा देता है। अगर आपको चाय में चीनी का इस्तेमाल करना ही है तो जहां तक हो सके कम से कम चीनी का इस्तमाल करें और उससे भी बेहतर ये है कि चीनी की जगह मिश्री या फिर गुड़ का इस्तमाल किया जाए लेकिन इसका भी आपको लिमिट में ही इस्तेमाल करना चाहिए।

क्या चाय में दूध मिलाकर पीना चाहिए

कुछ लोग चाय में दूध डालकर इस्तेमाल करते हैं और इसलिए अब यही सवाल उठता है कि काली चाय और दूध वाली चाय में कौन सी चाय पीना सादा बेहतर ऑप्शन हो सकता है तो काली चाय के बारे में हम पहले ही बात करी चुके हैं लेकिन जब काली चाय में दूध मिलाया जाता है तो दूध में मौजूद केसी नाम का प्रोटीन चाय में मौजूद एंटी ऑक्सिडेंट से बाइंडिंग करके उसे काफी हद तक नष्ट कर देता है जिससे की चाय से मिलने वाले फायदे या तो खत्म हो जाते हैं या फिर बहुत ही कम हो जाते हैं।

साथ ही जिन लोगों के सीनियर पिंपल्स की प्रॉब्लम होती है उनके लिए भी चाय में दूध और चीनी डालकर इस्तेमाल करना बिल्कुल भी सूटेबल नहीं होता। इसलिए आफ्टर और दूध वाली चाय के मुकाबले काली चाय पीना ज्यादा बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

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चाय कब पीना चाहिए

चाय कब का पीना चाहिए उससे ज्यादा ये जानना जरुरी है कि चाय कब नहीं पीना चाहिए। और इसलिए पहले हम ये जानेंगे कि चाय कब नहीं पीना चाहिए और उसके बाद हम फिर बात करेंगे कि चाय कब पीना चाहिए जिससे चाय का इस्तेमाल दिन की शुरुआत और दिन के आखिर में बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

चाय पीने का सबसे गलत समय सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले का वक्त होता है और ऐसा इसलिए कि इसमें चाय शरीर को सदा नुकसान पहुंचाता है। सुबह खाली पेट चाय का इस्तेमाल करने से ये गैस एसिडिटी और पाचन में गड़बड़ी पैदा करने लगता है। साथ ही सुबह के समय पेट पूरी तरह से खाली होने की वजह से ये शरीर में बहुत ही तेजी से एब्जॉर्ब होता है जिससे की चाय से होने वाले नुकसान भी कई गुना बढ़ जाते हैं और रात को चाय का इस्तमाल करने से ये हमारे ब्रेन में स्लीपिंग हॉर्मोन रिलीज होने से रोकता हैं।

जिससे कि समय के साथ साथ जल्दी नींद ना आने की समस्या शुरू होने लगती है। इसलिए ये मत भूलें कि रात होती ही ये शरीर को आराम पहुंचाने के लिए और अगर सिर्फ अपना काम पूरा करने के लिए आप शायद पीपी कर सबर पदस्थी खुद को जगाते हैं तो भविष्य में आपको अपनी सेहत गवा कर इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

इसलिए बेहतर यही है कि रात को जल्दी सोएं और सुबह फिर जल्दी उठकर अपने काम को पूरा कर लें लेकिन कभी भी खुद को जगाने के लिए चाय का सहारा बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए।

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चाय पीने का सही समय क्या होना चाहिए

दोस्तों अगर आप चाय पीते हैं तो इसका आपको सुबह खाली पेट इस्तेमाल ना करके नाश्ते या फिर खाने के आधे से एक घंटे बाद इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से ये शरीर में धीरे एब्जॉर्ब होता है और इससे होने वाले नुकसान भी काफी हद तक कम हो जाते हैं।

एक दिन में सबसे ज्यादा कितना चाय पिया जा सकता है।

दूसरे इस बात को समझना जरूरी है कि चाय का कभी कभी इस्तेमाल करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि अगर हफ्तों चाय का इस्तेमाल नहीं करते और फिर किसी दिन एक कप या फिर किसी वजह से दो कप चाय का भी इस्तेमाल करते हैं तो ऐसा करने में कोई प्रॉब्लम की बात नहीं है क्योंकि चाय स्लो इनएक्टिव होने की वजह से कभी कभी इस्तेमाल करने से इसकी जल्दी आदत नहीं होती और इसका शरीर को कुछ खास नुकसान भी नहीं होता। लेकिन प्रॉब्लम तब होती है।

जब कोई व्यक्ति चाय को अपनी डेली रूटीन में शामिल कर लेता है और फिर पूरी तरह से चाय पर ही डिपेंड हो जाता है कि चाहे जो हो जाए या हर हाल में चाय मिलना ही चाहिए तो ऐसे में चाय पीने की आदत भी बढ़ती जाती है और तब व्यक्ति दिनभर में जितना सादा चाय का सेवन करता है वो उतना ही ज्यादा चाय की बुरी आदतों में गिरफ्तार हो जाता है और फिर बात यहां तक पहुंचती है कि चाहे जान जाए तो जाए लेकिन चाय न जाए इसलिए जिन लोगों को अब तक चाय की आदत नहीं है।

वो कभी कभी चाय का इस्तेमाल तो कर सकते हैं लेकिन आपको इसे अपनी आदतों में बिल्कुल भी शामिल करने की कोशिश नहीं करना चाहिए और जो लोग पहले से ही बहुत सादा चाय पीने की आदतों का शिकार हो चुके हैं उन्हें सबसे पहले चाय की मात्रा को आधी कर देना चाहिए जिसका मतलब एक चार कप चाय पीते हैं तो दो कप कर दे। अगर दो कप पीते हैं तो एक कप कर दें और साथ ही बीच बीच में कभी कभी एक दो दिन बिना चाय पीए भी गुजारें ताकि चाय की आदतों पर कंट्रोल किया जा सके।

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हमने क्या सीखा

आखिर में ये बात जरूर कहना चाहूंगा कि आपको चाय को हमेशा के लिए बंद करने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपको इसकी क्वॉन्टिटी को कम करने की कोशिश जरूर करना चाहिए क्योंकि चाय एक ऐसी चीज है जिसका जितनी कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाए उतना ही अच्छी बात है नहीं तो इंसान बस चाय का गुलाम बन कर रह जाता है।

यह article “चाय पीने के 20 फायदे और नुकसान संपूर्ण जानकारी( Chai Peene ke fayde)“पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया उम्मीद करता हुँ। कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।

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