सौरमंडल के सभी ग्रहो के नाम और उनसे जुडी बेसिक जानकारी(About Planets name in hindi)

सौरमंडल के सभी ग्रहो के नाम और उनसे जुडी बेसिक जानकारी(About Planets name in hindi)

Planets name in hindi-खगोलीय भौतिकी के अन्तर्गत अन्तरिक्ष की संरचना व इसकी उत्पत्ति (evolution) का अध्ययन किया जाता है। पृथ्वी के चारों ओर स्थित अनन्त अंतरिक्ष को विश्व कहा जाता है।

प्राचीन समय से ही अन्तरिक्ष के विषय में कई खोज व भिन्न-भिन्न विचार प्रतिपादित होते आये हैं। लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान आगे बढ़ा, नये नये यंत्रों का आविष्कार हुआ, जिसके द्वारा आज अन्तरिक्ष के बारे में बहुत सी जानकारी प्राप्त हो सकी हैं।

सौर मण्डल (Solar system planets name in hindi)

सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों, धूमकेतुओं, क्षुद्र ग्रहों तथा अन्य अनेक आकाशीय पिण्डों के समूह या परिवार को सौर मण्डल कहते हैं।

तारे (Stars)-

तारे विशाल स्वतः चमकदार गैसों के पिण्ड हैं, जो स्वयं के गुरुत्वाकर्षण बल से परस्पर बँधे रहते हैं। भार केअनुपात में तारों में 70% हाइड्रोजन, 28% हीलियम, 1.5% कार्बन, नाइट्रोजन,व आक्सीजन तथा 0.5% लौह तथा अन्य भारी तत्व होते हैं।

ब्रह्माण्ड का अधिकाँश द्रव्यमान तारों के रूप में ही छाया हुआ है। तारे पैदा होते हैं, ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं व स्वयं समाप्त हो जाते हैं। तारों का जीवनकाल इनके द्रव्यमान व चमक पर निर्भर करता है। जो तारा जितना अधिक चमकीला होता है, उसका जीवनकाल उतना ही कम होता है।

ब्रह्माण्ड में तीव्र चमकदार तारों का जीवनकाल 106 वर्ष होता है, जबकि सूर्य,जो कि स्वयं एक तारा है, का जीवनकाल 10^10 वर्ष है । कुछ अन्य मध्यमचमकदार तारों का जीवन काल 10^13 वर्ष होता है।

ग्रह और उनके नाम (Planets name in hindi)

यह सूर्य की परिक्रमा विभिन्न दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में करते हैं। इनकी संख्या नौ है । इनकी सूर्य से दूरी का क्रम इस प्रकार है-
1.बुध (mercury),
2.शुक्र (Venus),
3.पृथ्वी(Earth),
4.मंगल (Mars),
5.वृहस्पति (Jupiter),
6.शनि(Saturn),
7.अरुण (Uranus),
8.वरुण (Neptune)
9.यम(Pluto)

इन ग्रहों में छह ग्रहों-पृथ्वी, बुध, शुक्र, मंगल, वृहस्पति व शनि के बारे में जानकारी प्राचीन काल से ही थी। तीन अन्य ग्रहों अरुण, वरुण व यम की खोज टेलेस्कोप के आविष्कार के पश्चात् हुई। ग्रहों (Planets Name in Hindi Astrology)का अपना प्रकाश नहीं होता तथा ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं।।

(1) बुध (Mercury planet name in hindi)-

बुध सूर्य का सबसे निकटतम ग्रह है। इसकी सूर्य से औसत दूरी 58,000000 किमी. है। सूर्य से इसकी निकटतम दूरी (Perihelion) 46,000000 किमी० तथा अधिकतम दूरी (aphelion) 70,000000 किमी. है।

इसका व्यास करीब 4880 किमी. तथा द्रव्यमान पृथ्वी के ट्रव्यमान का0.054 गुना है । यह ग्रह सूर्य का चक्कर 88 दिन में पूरा कर लेता है। यह ग्रह अपने अक्ष पर भी चक्कर लगाता है तथा अक्ष के चारों ओर 59 दिन में एक चक्कर पूरा कर लेता है।

इस ग्रह पर वायुमण्डल नहीं है। इस कारण यहाँ पर दिन व रात के ताप में अन्तर बहुत अधिक रहता है । इस ग्रह पर दिन का ताप 420°C व रात का ताप 180°C रहता है । बुध, चन्द्रमा (moon) के सदृश दिखायी देता है तथा यहाँ पर भी चन्द्रमा की तरह बड़े-बड़े पहाड़ व ज्वालामुखी के मुँह है। यहाँ पर एक ‘कैलीरिस बेसिन’ (Caloris Basin) है। इसका व्यास 1300 किमी. है।

यह सतह से 2000 मीटर तक ऊँचे पर्वतों से चारों ओर से घिरी हुई है। बुध ग्रह का घनत्व 5.5 ग्राम प्रति घन सेमी. है। ग्रह का अधिक घनत्व सिद्ध करता है कि इसकी सतह भारी तत्वों से निर्मित है। इस ग्रह के कोई उपग्रह नहीं है।

(2) शुक्र (Venus planet name in hindi)-

बुध ग्रह के बाद सूर्य का दूसरा ग्रह है। शुक्र ग्रह का आकार लगभग पृथ्वी के समान है। शुक्र ग्रह का अधिकतर भाग घुमावदार मैदानों से ढका है तथा इस ग्रह पर कुछ जीवित ज्वालामुखी भी हैं। शुक्र सूर्य का चक्कर करीब 225 दिन में लगाता है तथा अपने अक्ष के पारित: यह 243 दिन में एक चक्कर पूरा करता है। इसके वायुमण्डल में 97% कार्बन डाइआक्साइड पायी जाती है व सतह का ताप करीब 477°C है।

यहाँ पर सल्फ्यूरिक अम्ल की बूंदों के बादल पाये जाते है तथा यह माना जाता है कि अधिकतर (Planets name in astrology)सल्फर ज्वालामुखी पर्वतों से निकली है । इसकी सूर्य से औसत दूरी 108208600 किमी० शुक्र ग्रह का कोई उपग्रह नहीं है।

(3) पृथ्वी (Earth planet name in hindi)

पृथ्वी शुक्र के बाद सूर्य का तीसरा ग्रह है। इसकी सूर्य से दूरी 149598000 किमी. है। पृथ्वी का व्यास करीब 13000 किमी. है व वायुमण्डल सहित द्रव्यमान करीब 6 x 10^24 किया है। पृथ्वी का सम्पूर्ण क्षेत्रफल 510065600 वर्ग किमी. है, जिसमें इसका 70% भाग समुद्रों.से ढका हुआ है तथा शेष 30% भाग में सम्पूर्ण जनसंख्या निवास करती है। पृथ्वी का एक उपग्रह (चन्द्रमा) है।

(4) मंगल (Mars planet name in hindi)

मंगल, सूर्य का चौथा ग्रह है। इसकी सूर्य से दूरी 227939200 किलोमीटर है। इस ग्रह का व्यास करीब 6750 किलोमीटर है। मंगल ग्रह के वायुमण्डल में मुख्यतः कार्बन-डाइ-आक्साइड, नाइट्रोजन व अक्रिय गैसें पायी जाती है।

इस ग्रह की सतह अत्यन्त जटिल है। यहाँ पर बड़े-बड़े रेगिस्तान,ज्वालामुखी व पर्वत पाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ पर चैनल (Channels) भी पायी जाती है। इनमें से एक चैनल ‘Valles Marineris’ हैं। इसकी लम्बाई 4000 किलोमीटर, चौड़ाई 200 किलोमीटर व गहराई 6 किलोमीटर है।

इस ग्रह के दो उपग्रह–फोबोस (Phobos) व डेमोस (Deimos)

(5) बृहस्पति (Jupiter planet name in hindi)

बृहस्पति सौर-मण्डल का सबसे बड़ा व भारी ग्रह है। इसकी सूर्य से औसत दूरी 778298400 किलोमीटर व व्यास 140000 किलोमीटर है। इसका द्रव्यमान 1.8 x 1027 किग्रा. व घनत्व 1.3 ग्राम प्रति घन सेमी. है। इसके सतह का ताप -108°C है। इसके वायुमण्डल में मुख्यतः मिथेन, अमोनिया, व हाइड्रोजन गैस पायी जाती है। बृहस्पति ग्रह के 16 उपग्रह है।

(6) शनि (Saturn planet name in hindi)

शनि वृहस्पति के बाद सौर मण्डल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इसकी सूर्य से औसत दूरी 1429394000 किमी. है। शनि का औसत व्यास 110535 किमी. व द्रव्यमान 5.6 x 10^26 किग्रा. है। इस ग्रह के 21 उपग्रह है। टाइटन नामक उपग्रह(Planets name in hindi) सबसे बड़ा है व इसमें नाइट्रोजन युक्त वायुमण्डल पाया जाता है। शनि ग्रह के चारों ओर वलय (rings) पाये जाते हैं। इन वलयों की संख्या 10 । इस ग्रह का घनत्व 0.68 एवं ताप -139°C है।

(7) अरुण (Uranus planet name in hindi)

अरुण सूर्य से सातवाँ ग्रह है। इस ग्रह की खोज 1781 में विलियम हरशैल ने की थी। इस ग्रह(names of planets in hindi)की सूर्य से औसत दूरी 2875039000 किलोमीटर है। इसका औसत व्यास 50000 किलोमीटर व द्रव्यमान 8.6 x 10^25 किग्रा. है।

शनि की भाँति ही इस ग्रह के चारों ओर भी वलय पाये हैं। इन वलयों में अल्फा, बीटा, गामा व एप्सीलान प्रमुख वलय है। इस ग्रह के 15 उपग्रह हैं। इसका घनत्व 1.8 ग्राम प्रति.घन सेन्टीमीटर व सतह का ताप -197°C है

(8) वरुण (Neptune planet name in hindi)

यह सूर्य से आठवाँ ग्रह(Planets name in hindi)है। इस ग्रह की खोज 1846 में जॉन गैले ने की थी। इसके वायुमण्डल में मुख्य रूप से हाइड्रोजन गैस पायी जाती है। इसके साथ ही कुछ मात्रा में मीथेन गैस भी पायी जाती है। मीथेन के कारण ही यह ग्रह हरे रंग की दिखलाई पड़ता है।

इस ग्रह की सूर्य से दूरी 4504450000 किलोमीटर है। इसका औसत व्यास 48000 किलोमीटर व द्रव्यमान करीब 10^26 किग्रा. है। इस ग्रह का घनत्व 1.6 ग्राम प्रति घन सेमी. व सतह का ताप -193°C है। इस ग्रह के दो उपग्रह है।

(9) यम (Pluto planets name in hindi)

यह सूर्य से नौवाँ ग्रह है। इसकी खोज 1930 में क्लाड टामवो ने की थी। इस ग्रह की सूर्य से दूरी 5913490000 किलोमीटर व द्रव्यमान 1.2 x 10^22 किग्रा. है ।

इसका घनत्व 2.1 ग्राम प्रतिघन सेमी. व सतह का ताप -220°C है। इस ग्रह का एक उपग्रह है। यहाँ के वायुमण्डल में सम्भवतः मुख्य रूप से बर्फ व मीथेन पायी जाती है।

यह article “सौरमंडल के सभी ग्रहो के नाम और उनसे जुडी बेसिक जानकारी(planets name in hindi)“पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया उम्मीद करता हुँ। कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।