कुछ प्रमुख गैसों के बारे में बेसिक जानकारी- Everything about Gas in hindi

कुछ प्रमुख गैसों के बारे में बेसिक जानकारी- Everything about Gas in hindi

दोस्तों आपने हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन गैसों (Gas in hindi)का नाम जरूर सुना होगा। क्या आपने कभी सोचा है इन जैसों की खोज कैसे हुई। हमारे वैज्ञानिकों ने कैसे पता लगाया कि यह गैसे वायुमंडल में उपस्थित है। आज के इस आर्टिकल मे हम गैसों के बारे में जानकारी देने वाले है साथ में हम यह भी समझेंगे कि इन गैसो का गुणधर्म और उपयोग क्या है।

ऑक्सीजन क्या है। ऑक्सीजन की खोज (Oxygen gas in hindi)

ऑक्सीजन गैस से तो आप सभी परिचित होंगे। इस गैस की खोज सर्वप्रथम स्वीडन के शीले (Scheele) नामक वैज्ञानिक ने 1772 में की थी। यह एक रंगहीन, गंधहीन गैस है तथा वायु से कुछ भारी होती है। ठण्डा करने पर यह नीले रंग के द्रव में परिवर्तित हो जाती है। यह गैस स्वयं नहीं जलती, परन्तु जलने में सहायक होती है।

आक्सीजन(Gas in hindi) को कृत्रिम श्वसन के रूप में प्रयोग करते हैं तथा इसे प्राण-वायु (life-air) कहते हैं। यह धातुओं को जोड़ने तथा क्लोरीन, सल्फ्यूरिक अम्ल आदि के औद्योगिक निर्माण में प्रयोग की जाती है। वायु में करीब 29.29% मात्रा आक्सीजन की होती है। चाँदी को गर्म करने पर यह आक्सीजन को अवशोषित कर लेती है तथा ठण्डा करने पर अवशोषित आक्सीजन निकल जाती
है। इसे चाँदी का उदवमन (spitting of silver) कहते हैं।

नाइट्रोजन गैस क्या है नाइट्रोजन की खोज कैसे हुई (Nitrogen gas in hidi)

नाइट्रोजन गैस की खोज रदरफोर्ड ने 1773 में की थी। यह एक रंगहीन गैस है । वायु में 79% भाग नाइट्रोजन पाई जाती है। यह गैस जलने में सहायक नहीं है । जलती हुई तीली नाइट्रोजन से भरे जार में ले जाने पर तीली बुझ जाती है। जीव-जन्तुओं व वनस्पतियों में यह प्रोटीन के रूप में संचित रहती है। यह गैस श्वसन क्रिया में सहायक नहीं हैं जिससे नाइट्रोजन के वायुमण्डल में प्राणियों की मृत्यु हो सकती है। उद्योगों में इसका प्रयोग नाइट्रिक अम्ल व अमोनिया बनाने में किया जाता है।

अमोनिया गैस क्या है। अमोनिया की खोज कैसे हुई। (Ammonia gas in hindi)-

अमोनिया गैस सर्वप्रथम 1771 में प्रीस्टले ने नौसादर (अमोनियम क्लोराइड) को चूने के साथ गर्म करके प्राप्त की थी। यह इसके विभिन्न लवणों के रूप में जीव-जन्तुओं व पेड़-पौधों के सड़ने व ज्वालामुखी पर्वतों से निकली राख में पायी जाती है। औद्योगिक रूप में अमोनिया का निर्माण हैबर प्रक्रिया (Haber process) के द्वारा किया जाता है।

यह एक तीक्ष्ण गंध वाली गैस है व वायु से कुछ हल्की होती है। अमोनिया का उपयोग बर्फ बनाने के कारखानों, धुलायी तथा उर्वरक के रूप में किया जाता है। अमोनिया एक क्षारीय गैस तथा जल में घुलकर अमोनियम हाइड्राक्साइड बनाती है। कृत्रिम रेशे व आँसू गैस(Gas in hindi) बनाने में भी अमोनिया गैस का प्रयोग किया जाता है।

हाइड्रोजन गैस क्या है। हाइड्रोजन गैस की खोज कैसे हुई (Hydrogen gas in hindi)

हाइड्रोजन गैस की खोज 1766 में हेनरी कैवेंडिस ने की थी। स्वतंत्र अवस्था में यह ज्वालामुखी पर्वतों से निकली गैसों में उपस्थित रहती है। संयुक्त अवस्था में हाइड्रोजन की अधिकतर मात्रा आक्सीजन के साथ जल में उपस्थित रहती है । हाइड्रोजन एक अत्यन्त क्रियाशील गैस है तथा विभिन्न तत्वों से क्रिया करके उनके हाइड्राइड बनाती है।

यह एक रंगहीन, गंधहीन व ऊष्मा की सुचालक गैस है। हाइड्रोजन गैस के तीन समस्थानिक होते हैं। ये समस्थानिक हैं प्रोटियम, ड्यूटीरियम व ट्राइटियम । इनमें ड्यूटीरियम या भारी हाइड्रोजन का प्रयोग नाभिकीय रिएक्टरों में न्यूट्रॉनों के मन्दक के रूप में ट्रेसर के रूप में किया जाता है।

ऑक्सीजन के साथ हाइड्रोजन नीली लव के साथ जलती है। इसी क्रिया में जल बनता है। हाइड्रोजन गैस का उपयोग है व प्रक्रिया द्वारा अमोनिया को बनाने में, हीलियम के साथ गुब्बारों को भरने में, वनस्पति घी बनाने में किया जाता है।

क्लोरीन गैस क्या है क्लोरीन गैस की खोज कैसे हुई(Clorine gas in hindi)

इस गैस की खोज सर्वप्रथम शीले ने की थी। यह एक अत्यन्त क्रियाशील गैस है । संयुक्त अवस्था में यह साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड) में पायी जाती है व स्वतंत्र अवस्था में ज्वालामुखी पर्वतों से निकली गैसों में उपस्थित रहती है। इस गैस के औद्योगिक निर्माण के लिये वेल्डन, डीकन आदि प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है।

शुष्क व बुझे चूने में क्लोरीन गैस प्रवाहित करने पर विरंजक चूर्ण (Bleeching powder) का निर्माण होता है। यह एक तीव्र विरंजक गैस है व रंगीन कपड़ों, फूलों आदि का रंग उड़ा देती है। यह गैस कीटाणु नाशक के रूप में, आक्सीकारक के रूप में प्रयोग की जाती है।

मिथेन गैस क्या है(Methene gas in hindi)

यह एक रंगहीन, गंधहीन, व स्वादहीन गैस है। यह अधिकतर दलदली क्षेत्रों में पायी जाती है ; जिसके कारण इसे मार्श गैस भी कहते हैं। इसके अतिरिक्त कार्बनिक पदार्थ के विघटन से कोयले से निकलने वाली गैसों में भी यह गैस(Gas in hindi) विद्यमान रहती है। यह गैस जल में अल्प विलेय है परन्तु एल्कोहल में अधिक विलेय है इसका उपयोग मेथिल ऐल्कोहल, फार्मोल्डिहाइल व क्लोरोफार्म आदि के बनाने में किया जाता है।

इसके अतिरिक्त काले रंग, मोटर टायर, छापे खाने की स्याही, पेंट, कार्बन छड़ें आदि बनाने में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

एथिलीन गैस क्या है (Ethylene gas in hindi)

एथिलीन कोल व पेट्रोलियम गैसों के साथ पायी जाती है। इसके सूंघने पर व्यक्ति मूर्छित हो जाता है। यह ईथर, एल्कोहल आदि में विलेय है। एथिलीन सल्फर मोनोक्लोराइड से क्रिया करके एक विषैला द्रव डाई क्लोरो एथिल डाइ सल्फाइड,जिसे मस्टर्ड गैस भी कहते हैं,बनाती है ।

मस्टर्ड गैस अत्यन्त विषैली होती है व इसके सम्पर्क में आने से व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है। एथिलीन बहुलकीकरण (Polymerization) की क्रिया द्वारा प्लास्टिक बनाती है । इस गैस का उपयोग मुख्य रूप से कच्चे फलों को पकाने में किया जाता है।

ऐसेटिलीन गैस क्या है एसिटिलीन गैस की खोज कैसे हुई। (Acetylene gas in hindi)

ऐसेटिलीन की खोज अमेरिकी वैज्ञानिक विल्सन ने की थी। यह एक अत्यन्त क्रियाशील गैस है व स्वतन्त्र अवस्था में बहुत कम पायी जाती है। औद्योगिक रूप में यह गैस कैल्सियम कार्बाइड पर जल की क्रिया से बनायी जाती
। इस गैस (Gas in hindi)का उपयोग मुख्यतः कपूर बनाने,प्रकाश उत्पन्न करने,कृत्रिम रबर बनाने, वेल्डिंग करने में, रेशमी कपड़े, एसीटिक अम्लआदि बनाने में किया जाता है।

यह article “कुछ प्रमुख गैसों के बारे में बेसिक जानकारी- Everything about Gas in hindi “पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया उम्मीद करता हुँ। कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।