न्यूक्लियर रिएक्टर क्या है? परिभाषा,उपयोग,जानकारी- everything about nuclear reactor in Hindi

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अब तक हमारे विज्ञान ने बहुत सारे रहस्य से पर्दा उठाया है। आधुनिक विश्व परमाणु ऊर्जा( nuclear reactor in Hindi) के प्रमुख बदलाव से गुजर रहा है आज परमाणु उर्जा किसी भी राष्ट्र के विकास का आधार बन चुका है। आपने कभी सोचा है हमारे घरों में जो बिजली आती है। वह कैसे बनाई जाती है।  इन सब का आधार परमाणु ऊर्जा  है। आज के इस आर्टिकल में हम इस परमाणु ऊर्जा के बारे में चर्चा करेंगे।

न्यूक्लियर रिएक्टर क्या है- what is nuclear reactor in Hindi

न्यूक्लियर रिएक्टर एक ऐसा यंत्र होता है जिसमें नाभिकीय विखंडन की नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया द्वारा स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न की जाती है। आज इसका प्रयोग अनेक लाभकारी कार्यों में किया जा रहा है।

नाभिकीय विखंडन-nuclear fission  in Hindi

हान और स्ट्रेसमैन नामक दो जर्मन वैज्ञानिकों ने यूरेनियम पर न्यूट्रॉन की बमबारी के दौरान देखा कि यूरेनियम का नाभिक दो खंडों में टूट जाता है और यह दोनों खंड लगभग समान आकार के होते हैं। नाभिक के टूटने की इस क्रिया को नाभिकीय विखंडन कहते हैं।

न्यूक्लियर रिएक्टर का इतिहास- history of nuclear reactor in Hindi

21 नवंबर 1905 को जब आइंस्टीन ने पूरी दुनिया के सामने द्रव्यमान और ऊर्जा संबंध को रखा। जिसमें उन्होंने कहा था यदि एक पॉन्ड पदार्थ को पूरी तरह से ऊर्जा में बदल दिया जाए तो उसे 7000000 टन डायनामाइट को जलाने से पैदा हुई ऊर्जा के बराबर ऊर्जा पैदा होगी।

उनके इस विचार ने पूरी दुनिया को एक नए direction मे  मोड़ दिया और अब वैज्ञानिक सोचने लगे कि उनके इस विचार को असल जिंदगी में कैसे उतारा जाए। सन 1939 में दो जर्मन वैज्ञानिक ऑटो हान और स्ट्रेसमैन ने एक क्रांतिकारी खोज की उन्होंने देखा कि जब यूरेनियम पर न्यूट्रॉन की बमबारी की जाती है।

तब वह न्यूट्रॉन को सोख लेता है और दो बराबर भागों में टूट जाता है। अब टूटने के बाद यह दोनों खंड बहुत ही तेज गति से दो अलग अलग दिशाओं में चलते हैं। और इस प्रक्रिया में बहुत सारी ऊर्जा हिट के रूप में उत्पन्न होती है।

दो अन्य वैज्ञानिक मैंतनर और फ्रिश ने इस प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन नाम दिया। उस समय इस नाभिकीय ऊर्जा को नियंत्रित करना बहुत ही मुश्किल भरा काम था।  क्योंकि नाभिक के टूटते ही 3 न्यूट्रॉन का जन्म होता था।  और यह तीन न्यूट्रॉन परमाणुओं को तब तक तोड़ते थे। जब तक वह पूरी तरह से नष्ट ना हो जाए। इस प्रक्रिया के दौरान हिट(heat) के रूप में इतनी ज्यादा ऊर्जा मुक्त होती थी जिसे संभालना आसान काम नहीं था।

करीब 10 वर्षों से खोज कर रहे। एनरिको फर्मी ने कोलंबिया विश्वविद्यालय में  सन 1942 में पहली परमाणु भट्टी बनाई। इस न्यूक्लियर रिएक्टर में नाभिकीय विखंडन द्वारा ऊर्जा पैदा की गई थी। जिससे सारे विश्व में तहलका मच गया।

लोगों ने तो यह भी कहना शुरू कर दिया कि इटली का यह वैज्ञानिक अपने आविष्कारों द्वारा  एक नई दुनिया में पहुंच गया है। इसके बाद 1970 तक पूरी दुनिया में अनेको परमाणु भटिया मनाई गई।

न्यूक्लियर रिएक्टर के प्रकार- types of nuclear reactor in Hindi

दुनिया में सभी प्रकार के न्यूक्लियर रिएक्टर एक ही सिद्धांत पर कार्य करते हैं। इनको इनकी बनावट के आधार पर बांटा जाता है।

पूरी दुनिया में 6 प्रकार के न्यूक्लियर रिएक्टर का इस्तेमाल विद्युत ऊर्जा को उत्पन्न करने में किया जाता है।

1)Sodium-Cooled Fast Reactor
2)Circuit of Pebble Bed Modular Reactor
3)Boiling Water Reactor (BWR)
4)Pressurised Water Reactor (PWR)
5)Pressurised Heavy Water Reactor (CANDU)
6)Advanced Gas-Cooled Reactor (AGR)

न्यूक्लियर रिएक्टर कैसे काम करते हैं- how does work nuclear reactor in Hindi

नाभिकीय विखंडन क्रिया में जब यूरेनियम के नाभिक पर न्यूट्रॉन से बमबारी की जाती है तब यह दो भागों में टूट जाता है जिसमें दो या तीन नये न्यूट्रॉन का जन्म होता है। अब इस अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त न्यूट्रॉन को ग्रेफाइट द्वारा बाहर खींच लिया जाता है। यह सभी काम जमीन के अंदर बने न्यूक्लियर रिएक्टर के अंदर किया जाता है।

न्यूक्लियर रिएक्टर में उपयोग होने वाले मुख्य भाग- some important parts used in nuclear reactor in Hindi

1)ईंधन(fuel)– रिएक्टर का प्रमुख भाग होता है यह वही पदार्थ होता है जिससे नाभिकीय विखंडन किया जाता है इसके लिए यूरेनियम या पलूटोनिम का इस्तेमाल किया जाता है।

2) मंदक(Moderator)– नाभिकीय रिएक्टर में विखंडन के बाद उत्पन्न न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए या रोकने के लिए भारी जल, ग्रेफाइट, बेरिलियम ऑक्साइड प्रयुक्त किए जाते हैं।

3) नियंत्रक या सुरक्षा छड़े(Controlling and safety rods) – केडियम तथा बोरान न्यूट्रॉन के अच्छे और अशोषक होते हैं। इन छड़ो को रिएक्टर में विखंडन की दर को नियंत्रित रखने के लिए किया जाता है। जब इन छोड़ो को रिएक्टर के अंदर ढकेल दिया जाता है तो न्यूट्रॉन के अवशोषण की दर बढ़ जाती है।

4)शीतलक(Coolant)-नाभिकीय विखंडन के बाद उत्पन्न होने वाले अत्यधिक ऊष्मा की मात्रा शीतलक द्वारा ही अवशोषित किया जाता है। इसके लिए वायु,जल या कार्बन डाइऑक्साइड को रिएक्टर में प्रवाहित किया जाता है।इस उष्मा से भाप मनाई जाती है। जिससे टरबाइन चलाकर विद्युत का उत्पादन किया जाता है।

5)रक्षक दीवारे(shield)– नाभिकीय रिएक्टर से कई प्रकार के हानिकारक विकरण भी निकलते हैं। जो रिएक्टर के पास काम करने वाले के लिए घातक हो सकते हैं इनसे रक्षा करने के लिए रिएक्टर के चारों तरफ कंक्रीट की मोटी मोटी दीवारें बना दे जाती है। जिन्हें हम रक्षक दीवारें कहते हैं।

न्यूक्लियर रिएक्टर के फायदे- advantage of nuclear reactor in Hindi

1) इसके द्वारा अनेक तत्वों के रेडियो आइसोटोप बनाए जाते हैं जिनका उपयोग चिकित्सक, कृषि, जीव विज्ञान तथा वैज्ञानिक खोजों में किया जाता है।

2) इसके द्वारा विद्युत शक्ति उत्पन्न की जाती है जिससे रेल मोटर, हवाई,जहाज और करखाने चलाए जाते हैं।

3) इससे प्लूटोनियम का उत्पादन किया जाता है जो परमाणु बम बनाने में काम आता है।

न्यूक्लियर रिएक्टर के नुकसान- disadvantage of nuclear reactor in Hindi

1) न्यूक्लियर रिएक्टर को बनाना बहुत ही महंगा पड़ता है।

2) न्यूक्लियर रिएक्टर्स को बनाने में कम से कम 10 साल का समय लगता है।

3) न्यूक्लियर रिएक्टर से निकलने वाले हानिकारक करणे मानव जाति के लिए घातक हैं।

4) न्यूक्लियर रिएक्टर से निकलने वाले बेस्ट पदार्थ रेडियो एक्टिव होते हैं जिन्हें खुले में हम नहीं छोड़ सकते है। इनका निपटारन भी एक समस्या है।

5)भूकंप इत्यादि से हमेशा न्यूक्लियर रिएक्टर को खतरा बना रहता है जो एक चिंता का विषय है।

ये article ” न्यूक्लियर रिएक्टर क्या है? परिभाषा, उपयोग,जानकारी- everything about nuclear reactor in Hindi”  पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया. उम्मीद करता हुँ. कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा