हमें डर क्यों लगता है और क्या कहता है Science भूतो के बारे मे(what is ghost )

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Hello friends क्या आपको पता है. हम इंसान केवल दो मुख्य डर के साथ ही जन्म लेते है.:(what is ghost)

आज आपको कई सारे डर हो सकते है. जैसे exam का डर, अँधेरे का डर, भूतो का डर……
लेकिन क्या एक छोटा सा बच्चा कभी अँधेरे या भूतो से डरता है. इसका जवाब है नही

(1) डर के प्रकार

हम सिर्फ दो डर के साथ जन्म लेते है.

a. fear of falling (ऊचाई से खतरा )
b. fear of loud noise (तेज आवाज का डर )


अजीब बात है की यह जानकारी हमारे दिमाग मे पहले से store रहती है.
पर बाद मे ऐसा क्या होता है की हमें और भी कई चीजों से डर लगने लगता है.

what is fear

इसे समझने के लिए मैंने research करनी start कर दी. की हमारा दिमाग काम कैसे करता है.
और क्यों कुछ चीजों को देखकर हमें डर महसूस होता है.

आप सभी जानते होंगे. की कोई भी decision लेते वक़्त हमारे दिमाग के बहुत सारे भाग एक साथ मिलकर कार्य करते है.

लेकिन यह सभी brain के parts अंत मे केवल दो ही तरह के conclusion निकाल सकते है.
और यह conclusion दिमाग के logic पर आधारित होते है.

हम इसे आसानी से समझने के लिए कहेंगे की आपका left brain logical होता है. क्युकी यह किसी भी decision को लेते वक़्त statics and rational thinking का use करता है.

पर हमारा यह left brain एक बच्चा होता है अपने पापा emotional brain के सामने.

इसे हम right brain कहेंगे जो emotions को process करता है.
कोई भी कहेगा की एक लॉजिकल decision बेहतर होता है एक emotional decisions से,

फिर क्यों हमारा emotional brain हावी रहता है decision लेने की प्रक्रिया मे,

इसे समझने के लिए हमें अपने दिमाग के नजर से सोचना होगा. हमारा दिमाग हर रोज process करता है हजारों emotions को,

जिनमे कुछ घटनाये बिल्कुल simple और normal होता है तो कुछ बिल्कुल विचित्र,

इन्ही घटनाओ को दुबारा process करने के लिए यह घटनाये हमारे emotional brain मे अपने लाये गए परिणाम के साथ store हो जाती है.

अब होता यह है की हम जैसे जैसे बड़े होते है. और अपने आस पास की घटनाओ को देखते है. और उनसे सीखते है.

और जब आप पहली बार भूत के concept से वाकिफ होते है तो आपको पता चलता है की
भूत कुछ विचित्र और डरवाने दीखते है.

जो आपको दर्दनाक तरीके से नुकसान पहुँच सकते है,

अब हमार emotional दिमाग डर की घटनाओ के emotions को,
दिमाग के patterns के साथ जोड़ने लगता है.
इन्ही patterns की वजह से आपको अजीब सी घबराहट महसूस होने लगती है. की शायद वो काम आपको नही करना चाहिए क्युकी अतीत मे इसका अंजाम अच्छा नही रहा था.

यह बात भी जानना जरूरी है की emotions बहुत ही शक्तिशाली होते है,

जो हमेशा हमारे logical दिमाग के decision पर हावी रहते है. हमारा दिमाग emotional decision को तेजी से process करता है. किसी logical decision के मुक़ाबले,

इसीलिए आप जब कोई चीज देखते है. जो हमारे दिमाग मे खतरा दिखने वाले patterns से similar होती है.
इससे पहले की आप सोचो की यार यह तो एक simple पूतला है,

इससे पहले ही वो डर की feeling आप पर
हावी हो जाएगी,

Imagine कीजिये की एक अँधेरे सडक पर एक सफ़ेद रंग की साडी पहने हुए कोई औरत आपके पास चाली आ रही है.

आपकी एक झलक उस पर चली जाये तो आप घबरा जायेंगे,

पर logically वो एक normal औरत भी तो हो सकती है सफ़ेद कपड़ो मे, यह सब आपका दिमाग करता है ताकि अपने आप को खतरों से बचा सके,

आपका emotional दिमाग आपके life का 90% decision को control करता है. कभी कभी आप confused भी हो जायेंगे, यह समझने मे की कोई decision आप emotionally ले रहे है या logically,

क्या भूत होते है? Science क्या कहता है भूतो के बारे मे. What is ghost

अब हमारा अगला कदम है यह जानना की भूत वास्तव मे होते है

क्या सच मे हमें उससे डरना चाहिए. और यही पर पडती है हमें विज्ञान की जरूरत,

मै अब तक उन लोगो मे से था जो भूतो को मानते थे,
पर मेरी research ने तो मुझे कुछ और ही कहानी सुनाई,

जब हम भूतो की बात करते है तो अक्सर आत्माओ की बात चल रही होती है

यानी की वह चीज जो आपके मरने के बाद आपका शरीर छोड़ के निकाल जाती है,

Why people think they see ghost

इस आत्मा को बताया जाता है की यह एक प्रकार की energy होती है जो मरने के बाद निकलती है शरीर से बाहर,

विज्ञान के जो महत्वपूर्ण सिद्धांत thermodynamic के जिनपर हमारा पूरा ब्रह्माण्ड कायम है. यहां तक की time जैसी चीज भी,

1) conduction

यानी की solid चीज के माध्यम से

2)convection

यानी की atmosphere मे हवा के माध्यम से
Energy का transfer होना जैसे microwave

3) radiation

यानी space के throw energy का transfer होना. जैसे सूर्य की ऊर्जा हम तक पहुँचती है.

अब अगर आत्मा एक ऊर्जा है तो वो इन्ही तीन माध्यम मे से एक के जरिये transfer होना चाहिए. तभी वह ऊर्जा कहलायेगा.

पर ऐसा होता नही है मरने के बाद आपके शरीर मे जितनी भी calories होती है वो इन्ही तीन माध्यम से atmosphere मे absorb हो जाते है.

और अंत मे आपके शरीर के bacteria उसे खा जाते है. और बाकी बची हुयी calories heat के रूप मे radiate हो जाती है.

अगर आप एक मृत शरीर से निकलते ऊर्जा को आधुनिक यन्त्र से calculate करे.
तो आपको exactly उतनी ही ऊर्जा बाहर जाते मिलेगी.
जितनी उस शरीर के अन्दर calories के रूप मे थी.

अब दूसरा और सबसे बड़ा सबूत है
Large Hadron Collider

How does work large hadron collider

the large hadron collider switzerland मे स्थित एक विशाल particle Accelerator है.

यह particles को speed of lights के 99.99% तक accelerate करता है.
इससे scientists यह पता लगा सकते है की कैसे एक, molic स्तर पर particles काम करते है.

और हमारी इस दुनिया की रचना कैसे करते है. अब अगर भूत होते है तो उन्हें ऊर्जा के रूप मे ही होना चाहिए.

क्युकी अगर वो matter होते तो हम उन्हें देख सकते.

जैसा की हमने पहले जाना की अगर भूत ऊर्जा होते तो, second law of thermodynamic के अनुसार,

उन्हें heat के रूप मे conduct या radiate हो जाना चाहिए. पर ऐसा नही होता है

अब आप कह सकते है की यह किसी विचित्र किस्म की ऊर्जा होंगी. जो विज्ञान के सिद्धांत को नही मानती है

तो फिर atleast हम उसे measure तो कर पाते जैसे हम डार्क मैटर और डार्क एनर्जी को कर पाते है.
Particle accelerator मे हमारे calculation बिल्कुल physics के
Standard model of particle के calculation से match करते है.

जहाँ तक मे जानता हुँ की
Standard model मे किसी भूतीया particle की कोई जगह नही है.

जी हा हम इसे scientifically भी माप नही सकते. ध्यान दीजिये यहां पर देखने की बात नही चल रही है

यहां पर मापने की बात चल रही है. माप पाना मतलब इस दुनिया मे किसी भी particle के साथ intrect कर पाना.

एक interview दिया गया था. Public event मे, particle physicist Brian cox ने, मशहूर scientists
Neil deGrasse Tyson को,

जिसमे उन्होंने साफ साफ-साफ कहा
CERN (center of european nuclear research ) यह वही संस्था है जो larze hadron collider चलाती है.
इसने भूतो के न होने को prove कर दिया है

लेकिन यह आप के ऊपर है की आप खुलकर जीते हो या फिर डर डर के,

तो friends ये article (what is ghost )पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया. उम्मीद करता हुँ. कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा.