Nightmare डरवाने सपनो की दुनिया -Nightmare in hindi

Nightmare डरवाने सपनो की दुनिया  -Nightmare in hindi

हम इंसानो का सपनो से एक बहुत ही अजीब सा रिश्ता रहा है. हम सदियों से इन्हें रहस्यमय मानते आये है. और इनके गहरे मतलब को समझने की कोशिश करते आये है.
फिर आया विज्ञान का दौर जिसने इसे आपने तौर तरीको से समझने की कोशिश की.

Nightmare क्या होते है -What is Nightmare in hindi

क्या आप कभी धड़कते दिल और पसीने मे भीगे हुए सोकर उठे है. अगर आपको भी डरवाने सपने आते है.

तो आप अकेले नही है. पुरी दुनिया मे 90% लोगो को बुरे सपने आते है. इन्ही बुरे सपनो को हम Nightmare कहते है.

Nightmare क्यों आते है -Nightmare in hindi

हमारा दिमाग़ किसी दर्दनाक लम्हे को देखकर घबरा या डर जाता है. जैसे किसी आपने को मरते देखना या फिर किसी चीज से डर लगना,

तब ऐसी स्थिति मे हमारा दिमाग़ इस घटना से मिलती जुलती कहानी तैयार करता है. और फिर इन्हें Nightmare के रूप मे हमें दिखाता है.

Psychologist की माने तो Nightmare हमें असल जिंदगी की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार कर सकते है.

क्या Nightmare हमारे लिए सही है.-Nightmare in hindi

मनोवैज्ञानिक की माने तो, बुरे सपने हमारे लिए मददगार साबित हो सकते है. पर कैसे ?
एक theory की माने तो बुरे सपने मदद करते है.
हमारे दिमाग को पहले से बुरी घटनाओ को अनुभव करने मे जिससे हमारा दिमाग trained होता है. ऐसी situation को handle करने के लिए,

सपनों से जुड़े रोचक तथ्य -facts about Nightmare in hindi

Psychologist ने कहा है कि दिन में सपने देखना एक ऐसी बीमारी है जिसमें हमारे सपने जहाँ रुके थे, वहीं से आगे दिखते हैं.

कभी-कभी कुछ सपने हमें बार-बार नज़र आते हैं. कहा जाता है कि ऐसे सपने अक्सर उन चीज़ों से जुड़े रहते हैं जिन्हें हमें असल ज़िंदगी में पूरा करना चाहते है.

हमें अक्सर मन में ऐसे भाव आते हैं कि हमने किसी चीज़ को पहले भी कभी किया या मेहसूस किया है. ऐसे भाव हमारे सपनों के कारण आते हैं.

Women’s को अनिद्रा की बीमारी, पुरुषों से ज़्यादा होती है.

Exercise करने से हमें अच्छी नींद आती है।हमारे शरीर को हम जितने घंटे सोते हैं, उसकी आदत हो जाती है.

इसलिए कभी हमें रोज़ से थोड़ा जलदी उठने में दिक्कत होती है.

अंधे लोगों को, Nightmare ज़्यादा आते हैं।कहा जाता है कि डरावने सपने, हमारी ज़िंदागी में बदलते भावों का एक रूप है.

जो लोग जन्म से अंधे नहीं होते हैं, उन्हें भी सपने दिखते हैं.

हम अपने सपनों में सिर्फ उन चेहरों को देखते हैं जिन्हें हम पेहचानते हैं.

सपने अक्सर सकारात्मक(positive ) से ज़्यादा नकारातम्क(negative) होते हैं.

हम एक रात कम से कम सात सपने देख सकते हैं.

कहा जाता है कि पुरुषों के सपनों में ज़्यदातर पुरुष ही दिखते हैं। लेकिन औरतों के सपनों में, दोनों ही सामान्य संख्या में नज़र आते हैं.

इंसान अपने पूरी ज़िंदगी में कम से कम 6 हफ्ते, सपने देखते हुए बिताता है.

तो friends ये article” Nightmare in hindi “पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया. उम्मीद करता हुँ. कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा.