Razorpay क्या है, इसकी शुरुआत कैसे हुई , Razorpay का मालिक कौन है

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रेजरपे एक पेमेंट गेटवे कंपनी है जो एंड-टू-एंड भुगतान समाधान प्रदान करती है। रेजरपे की शुरुआत 2013 में हर्षिल माथुर ने की थी, जो पहले सिटीग्रुप के ग्लोबल ट्रांजैक्शन सर्विसेज डिवीजन के सीटीओ थे। कंपनी ने Temasek और Sequoia Capital जैसे निवेशकों से फंडिंग में $ 108M जुटाए हैं। भारत, सिंगापुर और संयुक्त राज्य अमेरिका में इसके कार्यालयों में इसके 700 से अधिक कर्मचारी हैं।

Razorpay क्या है (What is razorpay)

रेजरपे एक ऑनलाइन भुगतान गेटवे है जो व्यापारियों को उनके भुगतान को संसाधित करने में मदद करता है।

रेजरपे एक ऑनलाइन भुगतान गेटवे है जो व्यापारियों को उनके भुगतान को संसाधित करने में मदद करता है। रेज़रपे ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड स्वीकार करने का एक आसान और सुरक्षित तरीका प्रदान करता है। यह कार्ड-न-मौजूदा लेनदेन, मोबाइल पॉइंट ऑफ़ सेल और कैशबैक पुरस्कार जैसी कई सेवाएँ प्रदान करता है।

ऐसे हुई शुरुआत :

हर्षिल माथुर और शशांक कुमार आईआईटीरुड़की में पढ़ाई के दिनों से एक दूसरे को जानते थे। पढ़ाई के बाद वे अलग-अलग जगहों पर जॉब कर रहे थे। एक बार जब वे मिले, तो अपनी चर्चा के दैरान यह महसूस कि दोनों ही ऑनलाइन पेमेंट की प्रक्रिया को और सस्ता तथा आसान बनाना चाहते थे, क्योंकि इसमें व्यापारियों को अच्छा-खासा शुल्क देना पड़ जाता था और यह ज्यादा सुरक्षित भी नहीं था। कुछ समय बाद दोनों ने मिलकर साल 2014 में ‘रेजरपे’ की शुरुआत की। 11-12 लोगों की टीम के साथ एक ऑफिस भी खोल लिया, लेकिन बैकों को साथ आने के लिए राजी करना आसान नहीं था। फिर भी हर्षिल और शशांक ने मेहनत जारी रखी। एक बाधा पूंजी की भी थी। अपने आइडिया की सफलता के लिए उन्हें निवेशकों की भी सख्त जरूरत थी, जो उन्हें शुरुआती संघर्ष के बाद मिलने लगे।

क्या रहीं चुनौतियां :

आज -ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की बात हो या डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा, उसे लेकर बेशक हम कई टिप्स – जानते हों, पर ऐसी किसी प्रणाली के लिए साइबर क्राइम हमेशा से ही बड़ा मुद्दा रहा है। ‘रेजरपे’ ने भी इसका सामना किया। हर्षिल और ससंक के लिए सबसे चुनौतीपूरण समय वह था, जब उनके आइडिया को करीब 100 बैंकों ने नकार दिया था। यही नहीं, अपने शुरुआती दिनों में दोनों ने पाया कि देश में डिजिटल भुगतान पर किसी को राजी करना काफी मुश्किल काम था और ज्यादातर स्टार्टअप्स को एक जैसी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था, जबकि यह एक बहुत बड़े वर्ग की समस्या को हल करने वाला था।

उपलब्धियां

आज करीब 10 हजार कंपनियां अपने ऑनलाइन पेमेंट के लिए ‘रेजरपे’ का इस्तेमाल करती हैं। कंपनी अब दक्षिण एशियाई बाजार में अपने विस्तार की योजना पर अग्रसर है। साल 2018 में ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ और ‘बेस्ट डिजिटल प्रदाता’ का खिताब पाने के साथ ही कंपनी इस साल तक 81.50 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी । इसका बाजार मूल्यांकन करीब 7.9 अरब डॉलर है। यह एक उपलब्धि ही कही जाएगी कि इसे सबसे मूल्यवान निजी फिनटेक कंपनी के रूप में पहचाना गया है।