सूर्य के बारे मे 22 रोचक तथ्य – 22 Interesting fact’s about sun in hindi

सूर्य के बारे मे 22 रोचक तथ्य – 22 Interesting fact’s about sun in hindi

#1 कई प्राचीन संस्कृतियों मे  सूर्य को एक देवता (मिस्र, भारत-यूरोपीय और मेसो-अमेरिकी) के रूप में पूजा किया जाता है ।

#2 अनएक्सगोरस ने  लगभग 450 ई.पू. सबसे पहले सुझाव दिया था कि सूर्य एक तारा है,

#3 हमारा आधुनिक कैलेंडर सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गति पर आधारित है।

#4  सूर्य 4.5 बिलियन वर्ष पुराना है।

#5  हमारे सूरज मे 1.3 मिलियन पृथ्वीया रखी जा सकती है

#6 सूर्य हमारे solar system का सबसे बड़ा और भारी object है

#7 सूर्य का  द्रव्यमान पृथ्वी के तुलना मे  333,000 गुना  है।

#9 हमारे solar system का 99.8% द्रवमान अकेले सूर्य से आता है

#10 यह पृथ्वी के मुक़ाबले चन्द्रमा से 391 गुणा दूर है

#11 सूर्य की पृथ्वी से दुरी वर्ष के दौरान अलग अलग बिन्दुओ पर बदलती रहती है

#12 हमारा सूरज मिल्की-वे गैलेक्सी (milky-way गैलेक्सी ) के केंद्र से 30, 000 light year दूर है.

#13 सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश को पहुंचने मे 8मिनट 20सेकंड लगता है

#14 सूर्य की ग्रेविटी 28 गुना अधिक है पृथ्वी के मुक़ाबले

#15  अगर एक मिलियन पृथ्वी मिल जाये तब पुरे आकाश गंगा के सूरजो का केवल 0.00033% ही बना पाएंगी

#16 सूर्य के अंदर विद्युत धाराएँ उत्पन्न होती हैं जो एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती हैं यह क्षेत्र पूरे सौर मंडल में फैला हुआ  है।

#17 सूर्य की ऊर्जा हाइड्रोजन परमाणु के संलयन से में उत्पन्न होती है। जो सलयित होकर हीलियम मे बदलते है

#18 सूर्य के सतह का तापमान लगभग 5500 और 6000 डिग्री सेल्सियस के बीच है।

#19 सूर्य  तीन अलग-अलग प्रकार की ऊर्जा उत्सर्जित करता है;  अवरक्त विकिरण, दृश्य प्रकाश और पराबैंगनी प्रकाश।

#20 ओजोन परत सूर्य की सबसे हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है जिनसे स्किन डिजीज का खतरा होता है

#21 सूरज की यूवी किरणों में एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं।

#22 सूर्य की कोर से निकलने वाली गर्मी और ऊर्जा को इसकी सतह तक पहुंचने में एक लाख साल लगते हैं।

#23 सूर्य हमारे सौरमंडल के केंद्र में स्थित एक बहुत विशाल तारा है। यह पूरी तरह प्लाज्मा से मिलकर बना है।

#24 हम सूर्य कर केवल ऊपरी सतह ही देख सकते हैं इसका तापमान लगभग 55 डिग्री सेल्सियस कि करीब होता है। जबकि nuclear fusion के कारण इसके केंद्र का तापमान 1.5 लाख डिग्री सेल्सियस के करीब रहता है।

#25 हमारा सूरज मिल्की वे आकाशगंगा के 100 बिलियन तारों में से एक हैं। यह हमारी आकाशगंगा के केंद्र से 25000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। और आकाशगंगा की परिक्रमा कर रहा है।

#26 हमारी सूरज को आकाशगंगा का एक परिक्रमा पूरा करने में 250 मिलियन वर्ष का समय लगता है। जबकि हमारी पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में 24 घंटे का समय लगता है।

#27 हमारी संस्कृति में सूर्य को देवता के रूप में पूजा जाता है। संस्कृत के ग्रंथों में सूर्य के 108 नाम अंकित है।

#28 आपने सूर्य ग्रहण जरूर देखा होगा पर सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और धरती के बीच में आ जाता है। सूर्य ग्रहण ज्यादा से ज्यादा 20 मिनट तक ही हो सकता है।

#29 सूर्य हमें इतनी तेजी से उर्जा दे रहा है कि हर सेकंड लगभग 5000000 टन इसका वजन कम हो रहा है।

#30 दोस्तों हमारी धरती ठोस है यहां पर पर्वत, पहाड़ देखने को मिल जाते हैं जबकि सूरज ऐसा नहीं है यह पूरी तरह गैसों से मिलकर बना है।

#31 सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल इतना ज्यादा शक्तिशाली है कि अगर कोई वस्तु इसके 2022000 किलोमीटर के दायरे में आ जाती है, तब सूर्य उसे अपनी तरफ खींच लेगा।

#32 पृथ्वी पर नॉर्वे एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ सूर्य लगातार 3 महीने तक चमकता रहता है। मतलब 3 महीने तक दिन रहता है।

सूर्यातप (Insolation)

सूर्य से पृथ्वी तक पहुँचने वाले सौर विकिरण ऊर्जा को सूर्यातप कहते हैं। यह ऊर्जा लघु तरंगों के रूप में सूर्य से पृथ्वी पर पहुँचती है।

वायुमंडल की बाहरी सीमा पर सूर्य से प्रतिमिनट प्रति वर्ग सेमी० पर 1.94 कैलोरी उष्मा प्राप्त होती है।

किसी भी सतह को प्राप्त होने वाली सूर्यातप की मात्रा एवं उसी सतह से परावर्तित की जाने वाली सूर्यातप की मात्रा के बीच का अनुपात एल्बिडो कहलाता है।

वायुमंडल गर्म तथा ठण्डा निम्न विधियों से होता है-

विकिरण (Radiation)-

किसी पदार्थ को ऊष्मा तरंगों के संचार द्वारा सीधे गर्म होने को विकिरण कहते हैं। उदाहरणतया, सूर्य से प्राप्त होने वाली किरणों से पृथ्वी तथा उसका वायुमंडल गर्म होते हैं। यही एकमात्र ऐसी प्रक्रिया है, जिससे ऊष्मा बिना किसी माध्यम के, शून्य से होकर भी यात्रा कर सकती है।

सूर्य से आने वाली किरणें लघु तरंगों वाली होती हैं, जो वायुमंडल को बिना अधिक गर्म किए ही उसे पार करके पृथ्वी तक पहुंच जाती हैं। पृथ्वी पर पहुँची हुई किरणों का बहुत-सा भाग पुनः वायुमंडल में चला जाता है। इसे भौमिक विकिरण (Terrestrial Radiation) कहते हैं ।

भौमिक विकिरण अधिक लम्बी तरंगों वाली किरण होती है, जिसे वायुमंडल सुगमता से अवशोषित कर लेता है। अतः वायुमंडल सूर्य से आने वाले सौर विकिरण की अपेक्षा भौमिक विकिरण से अधिक गर्म होता है

संचालन (Conduction)-

जब असमान ताप वाली दो वस्तुएँ एक-दूसरे के सम्पर्क में आती हैं, तो अधिक तापमान वाली वस्तु से कम तापमान वाली वस्तु की ओर ऊष्मा प्रवाहित होती है। ऊष्मा का यह प्रवाह तब तक चलता रहता है जब तक दोनों वस्तुओं का तापमान एक जैसा न हो जाए।

वायु ऊष्मा की कुचालक है, अतः संचालन प्रक्रिया वायुमंडल को गर्म करने के लिए सबसे कम महत्वपूर्ण है। इससे वायुमंडल की केवल निचली परतें ही गर्म होती हैं

संवहन (Convection)—

किसी गैसीय अथवा तरल पदार्थ के एक भाग से दूसरे भाग की ओर उसके अणुओं द्वारा ऊष्मा के संचार को संवहन कहते हैं। यह संचार गैसीय तथा तरल पदार्थों में इसलिए होता है। क्योंकि उनके अणुओं के बीच का सम्बन्ध कमजोर होता है।

यह प्रक्रिया ठोस पदार्थों में नहीं होती है। जब वायुमंडल की निचली परत भौमिक विकिरण अथवा संचालन से गर्म हो जाती है तो उसकी वायु फैलती है जिससे उसका घनत्व कम हो जाता है । घनत्व कम होने से वह हल्की हो जाती है और ऊपर को उठती है । इस प्रकार वह वायु निचली परतों की ऊष्मा को ऊपर ले जाती है।

ऊपर की ठंडी वायु उसका स्थान लेने के लिए नीचे आती है और कुछ देर बाद वह भी गर्म हो जाती है । इस प्रकार संवहन प्रक्रिया द्वारा वायुमंडल क्रमशः नीचे से ऊपर गर्म होता रहता है। वायुमंडल गर्म होने में यह मुख्य भूमिका निभाता है।

अभिवहन (Advection)

इस प्रक्रिया में ऊष्मा का क्षैतिज दिशा में स्थानान्तरण होता है। गर्म वायु-राशियाँ जब ठंडे इलाकों में जाती हैं, तो उन्हें गर्म कर देती हैं। इससे ऊष्मा का संचार निम्न अक्षांशीय क्षेत्रों से उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों तक भी होता है। वायु द्वारा संचालित समुद्री धाराएँ भी उष्ण कटिबन्धों से ध्रुवीय क्षेत्रों में ऊष्मा का संचार करती हैं।


ये article ” सूर्य के बारे मे 22 रोचक तथ्य – 22 Interesting fact’s about sun in hindi  ”  पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया. उम्मीद करता हुँ. कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा