कैलीग्राफी(Calligraphy in hindi) क्या है कैलीग्राफी कैसे लिखें?

कैलीग्राफी(Calligraphy in hindi) क्या है कैलीग्राफी कैसे लिखें?

Calligraphy in hindi-आपने कई जगहों पर देखा होगा। कुछ चीजे लिखी गई होती है लेकिन वह इतनी शानदार तरीके से लिखी गई होती है की देखने वाले का मन मोह लेती है। लिखने के भी कई तरीके है जिनमे calligraphy सबसे famous है। दोस्तो अब हम कैलीग्राफी के बारे मे जानेगे।

Calligraphy क्या है- What is calligraphy in hindi

Calligraphy लिखने की एक कला है जिसकी मादद से हम किसी भी लिखावट को सुन्दर और आकर्षक बना देते है। calligraphy का इस्तेमाल हम किसी भाषा की लिखावत को आकर्षक बनाने मे करते है।

Calligraphy मे लिखी गई लिखवात इतनी अच्छी होती है की हर किसी का ध्यान अपनी और खींच लेती है। दोस्तों अगर आप भी calligraphy मे लिखना चाहते है तो हम आपको कुछ टिप्स बताने वाले है जो आपको फॉलो करना चाहिए।

किसी भी letter को calligraphy मे लिखते समय हमें stroke का ध्यान रखना पड़ता है। मतलब जब भी किसी letter को calligraphy मे लिखा जाता है। तब निचे से ऊपर लिखते समय थोड़ा हल्का(Light) रखा जाता है और ऊपर से निचे letters को लिखते समय गाढ़ा(Dark) रखा जाता है।

दोस्तों शुरू-शुरू मे आप calligraphy पेंसिल से शुरू कीजिये। फिर कुछ समय बाद calligraphy pen से replace कर दीजियेगा। ऐसा इसलिए क्युकी calligraphy मे शब्दो को लिखते समय बारीकीयों पर ध्यान देना जरूरी है। इसीलिए calligraphy pen का इस्तेमाल तब तक न करे जब तक आपको किसी भी शब्द को सही से design करने न आ जाये।

दोस्तों कैलीग्राफी(Calligraphy in hindi) लिखते समय कलम को ज्यादा टाइट ना पकड़े। ऐसा करने से हमारे उंगलियों के बीच में ब्लड सरकुलेशन कम हो जाता है। जिसका सीधा impact हमारी handwriting पर दीखता है कलम को हमेशा ऐसे पकड़े जिस position मे आप comfortable हो।

दोस्तों कलम या पेंसिल को हमेशा लिखने वाले तरफ से 1 सेंटीमीटर ऊपर की तरफ पकड़ो बहुत नजदीक और बहुत ऊपर पकड़ने से हमारी calligraphy खराब होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादा नजदीक पकड़ लेने से हमारे हैं राइटिंग स्पीड कम हो जाती है और ज्यादा ऊपर पकड़ लेने से handwriting quality खराब होने लगती है।

दोस्तों कैलीग्राफी सीधा और तिरछा लिखा जाता है तभी यह देखने में और आकर्षक लगता है जिस भी भाषा को आप कैलीग्राफी मे लिखना चाहते हैं। पहले उसके एक-एक शब्द को अच्छे से लिखना सीख लीजिए। फिर उसके शब्दों को कैलीग्राफी में लिखिए। ऐसा करने से लिखने में कोई परेशानी नहीं होंगी । और साथ में गलतियों की गुंजाइश भी कम हो जाएगी।

दोस्तों कैलीग्राफी में हमारा अगला टिप्स है- कैलीग्राफी में शब्दों को लिखते समय प्रत्येक शब्द के बीच समान दूरी रखो ना ज्यादा ना कम। ऐसा करने से calligraphy और ज्यादा आकर्षक हो जाता है। शायद इसीलिए कैलीग्राफी(Calligraphy in hindi) में शब्दों के बीच दूरियों का विशेष महत्व है

कैलीग्राफी का महत्व-Importance of calliygraphy in hindi

प्राचीन काल में कैलीग्राफी का बहुत बड़ा महत्व था। किसी भी शाही फरमान को भेजने के लिए उसे कैलीग्राफी में ही लिखा जाता था। इतिहास के पन्नों में ऐसा वर्णन मिलता है स्वयं सम्राट अशोक को भी कैलीग्राफी बहुत ज्यादा पसंद था। उन्होंने आने वाली मानव सभ्यता के लिए कई शिलालेख भी कैलीग्राफी(Calligraphy in hindi) मे लिखवाये थे। जिसके प्रमाण आज भी मौजूद है।

दोस्त प्राचीन काल में कैलीग्राफी में शब्दों को लिखने के लिए पत्थरों और जानवरों की खालो का इस्तेमाल किया जाता था। धीरे-धीरे समय बीतता गया और लिखने की हमारी यह कला विलुप्त हो जाने की कगार पर आ पहुंची है। आज भले ही कैलीग्राफी का दौर चला गया हो लेकिन एक समय था जब कैलीग्राफी ने स्वर्णिम युग देखा था। कैलीग्राफी में शब्दों को लिखना बहुत एकाग्रता और संयम वाला काम है। शायद इसीलिए कैलीग्राफी अपनी मुश्किले बढाती गई। आज कंप्यूटर के अलग-अलग Font-type के अविष्कारो ने कैलीग्राफी की जगह ले ली है।

यह article “कैलीग्राफी(Calligraphy in hindi) क्या है कैलीग्राफी कैसे लिखें? ” पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया उम्मीद करता हुँ। कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।

This Post Has One Comment

  1. Abhay

    Bhut achi jaankar bro

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