WannaCry Ransomware attack क्या था? संपूर्ण जानकारी

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दोस्तो Internet को अगर आज के जमाने की Alexandria Library कहा जाए तो ये बिल्कुल गलत नहीं होगा क्योंकि जिस तरह प्राचीन Time में Alexandria Library के अंदर दुनियाभर का ज्ञान मौजूद होता था ठीक वैसे ही आज Internet पर भी दुनियाभर की जानकारियां मौजूद हैं।

आज के Time में Internet लोगों की जिन्दगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। दोस्तो आज के जमाने में Internet को सुरक्षित बनाने के लिए काफी काम किया जा रहा है लेकिन फिर भी कुछ ऐसी चीजे हैं जिनसे Internet को हमेशा खतरा बना रहता है। उन सभी चीजों में सबसे अहम होता है Malware। क्योंकि जब से दुनिया में Internet आया है तबसे से Malware ने भी अपनी पहुंच मार्ग के है और आपकी हमारी इस Article में हम आपको साल 2017 में आई एक बेहद खतरनाक Malware WannaCry के बारे में बताएंगे। तो चलिए दोस्तो हम इस रोमांचक Article को शुरू करते हैं।

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Malware WannaCry क्या है?

दोस्तों सबसे पहले आपको बता दें कि Malware भी एक प्रकार का सॉफ्टवेयर ही होता है जिसका काम Computer ,Computer सर्वर और Computer नेटवर्क्स को डैमेज करना होता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया का सबसे पहला Malware दोनों नंबर 1998 को सामने आया था जिसका नाम मौरिस वार्म था। आज ही Malware एक फ्लॉपी डिस्क में Store करके एक म्यूजियम के अंदर रखा हुआ है। वैसे तो दुनिया के ज्यादातर Virus को किसी System में घुसने के लिए System आपरेटर की परमीशन की जरूरत होती है।

आपने बहुत बार देखा होगा कि जब आप किसी अनजान वेबसाइट को ब्राउज करते हैं तो वो पूरी तरह ओपन होने के लिए आपसे तरह तरह की permission मांगती है और जब कोई व्यक्ति वो permission दे देता है तो Virus को System में घुसने का पूरा मौका मिल जाता है। लेकिन दोस्तो अगर हम बात करें WannaCry की तो वो इस तरह के Virus से बिल्कुल अलग था क्योंकि उसको System में घुसने के लिए किसी प्रकार की परमीशन की जरूरत नहीं पड़ती थी। WannaCry कुछ रहस्यमय Blackhat hackers द्वारा बनाया गया एक क्रिप्टो वार्म था जो पहली बार मई 2017 में सामने आया था।

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WannaCry malware कैसे कंप्यूटर्स को टारगेट करता था?

दरअसल दुनिया में अरबों लोग हर रोज Internet का इस्तेमाल करते हैं और इन लोगों में करोड़ों लोग ऐसे होते हैं जो पुराने और आउटडेटेड System का इस्तेमाल करते हैं। इन पुराने System में ये कमी होती है कि इनका security System Time के साथ अपडेट नहीं हो पाता और हैकर्स के लिए इन्हें निशाना बनाना आसान हो जाता है।

WannaCry बनानेवाले उन Blackhat hackers ने इसी चीज का फायदा उठाया और उन्होंने एक ऐसा क्रिप्टो वार बनाया जो दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाले विंडोज ऑपरेटिंग System को निशाना बनाता था। ये Malware खासतौर से पुराने और आउटडेटेड System को टार्गेट करता था। दोस्तों ये Virus ऐसे System को ढूंढता था जिनमें ही आसानी से घुस सके। और जब इसको इसका टार्गेट मिल जाता तो ये खुद ही बिना किसी permission के Download हो जाता था

और दोस्तों अगर ये किसी System में एकबार घुस गया तो समझो उसका काम खत्म। क्योंकि ये Malware उस System के अंदर मौजूद पूरे Data को विशेष रूप से इनक्रिप्ट करके उसको Lock कर देता था और यहीं से असली खेल शुरू होता था क्योंकि जब यूजर अपने Data को एक्सेस करने का प्रयास करता तो System Lock होने की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाता था। इस Lock की चाबी यानि की देने के लिए WannaCry उस यूजर से 300 डॉलर बिटक्वाइन के रूप में मांगता था।

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इसीलिए इसको Malware की जगह Ransomware का नाम भी दिया गया था। ये Ransomware उस व्यक्ति को कीमत चुकाने के लिए थोड़ा Time देता था और यदि वो व्यक्ति Time पर पैसे नहीं देता तो फिरौती की रकम डबल हो जाती थी। इसके बाद अगर दूसरी बार भी वो व्यक्ति फिरौती की रकम नहीं चुका पाता तो ये खतरनाक Ransomware उस System के सारे Data को हमेशा के लिए डिलीट कर देता था।

लेकिन दोस्तो असल में ये सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का एक तरीका था क्योंकि फिरौती की रकम चुकाने के बाद भी लोग अपने Data को कभी हासिल नहीं कर पाते थे। अब चूंकि ये Ransomware बहुत तेजी से फैल रहा था इसलिए इसको दुनिया भर में मशहूर होने में ज्यादा Time नहीं लगा और कुछ ही दिनों में 150 से ज्यादा देशों में फैल कर ये उस Time का सबसे बड़ा साइबर थ्रेट बन गया। ये ना सिर्फ किसी व्यक्ति को पर्सनल रूप से नुकसान पहुंचा रहा था बल्कि बड़े बड़े और जिसने भी उसकी चपेट में आ रहे थे जिनमें फीडर्स ड्यूस बैंक और निसान जैसे बड़े बड़े नाम शामिल थे।

WannaCry ransomware का प्रभाव पूरी दुनिया पर

दोस्तो इस Ransomware के कारण अरबों खरबों रुपयों का Data दाव पर लग गया था। अब ऐसे में दुनिया को इस खतरनाक Ransomware से कोई वही बचा सकता था जो इन ब्लैक हैट हैकर से ज्यादा समझदार हो और तभी दुनिया के सामने आया 22 साल का एक नौजवान ब्रिटिश हैकर मार्कस हान जिस 12 मई 2017 को जिस Time ये Ransomware फैला उस Time मार्कस क्रिप्टो लॉजिक नाम की एक साइबर security फर्म में काम करता था। जहां पूरी दुनिया इस Ransomware से परेशान थी वहीं मार्कस इस Ransomware को रोकने का तरीका अच्छी तरह जानता था।

उसने सिर्फ कुछ ही दिनों के अंदर ही लोगों को इस Ransomware से बचाने के लिए एक security पैच बना दिया। अब जहां एक तरफ लोग मार्कस को साइबर वर्ल्ड का हीरो मान रहे थे वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों के मन में ये सवाल भी उठ रहा था कि आखिर मार्कस ने इस Ransomware का तोड़ इतनी आसानी से कैसे ढूंढ निकाला।

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दोस्तों अब इस कहानी को समझने के लिए पहले हमें मार्क्स के बारे में जानना होगा। मार्कस का जन्म इंग्लैंड की डेवोन काउंटी में सन उन्नीस सौ 94 में हुआ था। उसकी मां स्कॉटिश थी जबकि उसके पिता जमैका से ताल्लुक रखते थे। मार्कस को बचपन से ही Computer और Hacking में दिलचस्पी थी। उसने बहुत कम उम्र में ही Hacking शुरू कर दी थी। वह कोडिंग और Hacking में इतना Time बिताने लगा था कि इससे उसकी पढाई पर भी फर्क पड़ने लग गया था।

मार्कस ने अपने स्कूल के Computer में एक ऐसा Malware डाला था जो लोगों के पासवर्ड चुरा लेता था। स्कूल के प्रिंसिपल को जब मार्कस के इस शरारत का पता चला तो उन्होंने उसको उसी Time स्कूल से निकाल दिया। दोस्तो स्कूल से निकाले जाने के बाद मार्कस के ऊपर और भी ज्यादा उल्टा प्रभाव पड़ा क्योंकि अब्बू Hacking में और भी ज्यादा Time बिताने लगा और साथ ही ऐसे ऐसे फोरम से भी जुड़ने लगा जो Malware बनाने का काम करते थे।

असल में मार्कस की उम्र उस Time बहुत कम थी और उसको इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि जिन लोगों से वो जुड़ रहा है वो उसके लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। इन सब बातों से अंजान मार्कस नये नये Hacking फोरम से जुड़ता रहा और सिर्फ 15 साल की उम्र में ही उसने Hacking फोरम नाम के एक ऑनलाइन फोरम ज्वाइन कर लिया। ये फोरम इतना हाई स्टैंडर्ड था कि इसको सिर्फ ज्वाइन करने के लिए लोगों को बॉटलनेक बनाकर दिखाना पड़ता था।

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अब बाँटने की अगर बात करें तो ये एक ऐसा मालवीय है जो Data चुराने और System को बंद करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा बॉट नेट के काम करने का तरीका काफी हद तक WannaCry Ransomware से मिलता था। मार्कस ने बड़ी आसानी से बॉटलनेक बनाया और हैक फोरम को ज्वाइन कर लिया और 16 साल की उम्र होने तक मार्कस एक जबरदस्त ब्लैक हैट हैकर बन चुका था। दोस्तों इस फोरम के जरिये मार्कस की बात विनी नाम के एक अनजान शख्स से हुई।

चूंकि फोरम पर सभी लोग अपनी असली पहचान छुपाकर रखते थे इसलिए कोई नहीं जानता था कि ये भीनी कौन है और इसका असली नाम क्या है। विनी ने मार्कस को एक जॉब ऑफर किया जिसमें वो मार्कस से Hacking टूलकिट एक किट बनवाना चाहता था। दोस्तो मार्कस ये काम नहीं करना चाहता था लेकिन विनी ने उसको मोटी रकम का ऑफर दिया जिसे मार्कस मना नहीं कर पाया। आखिरकार मार्कस ने वो किट बना दिया और विनी ने उसको पेमेंट भेज दी।

दोस्तो मार्कस Hacking के इस जाल में घुस तो गया था लेकिन उसको इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि इससे निकलना उसके लिए कितना मुश्किल हो सकता है। इस पहले काम के बाद विनीत ने मार्कस से एक ऐसा Malware बनाने की मांगी जो Banking system को हैक कर सके। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए मार्कस ने ये काम करने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन दोस्तो ऐसा होने पर विनीत ने उसको ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

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विनीत ने मार्कस को धमकी दी कि वह उसकी असली पहचान जानता है और अगर उसने ये काम नहीं किया तो वह उसकी आइडेंटिटी पुलिस को दे देगा। चूंकि मार्कस अभी मैच्योर नहीं था इसलिए वो विनीत की धमकी से बुरी तरह डर गया और उसने क्रोन्ये नाम का एक ऐसा Malware बनाया जिससे पूरे Banking system को हैक किया जा सकता था। दोस्तो 19 साल की उम्र तक वह इसी तरह काम करता रहा। और फिर जाकर उसे किसी तरह इससे छुटकारा मिला।। इसके बाद उसने malwaretech के नाम से अपना एक ब्लॉग शुरू किया। और साथ ही क्रिप्टो लॉजिक में एक white hat hacker के रूप में काम करने लगा। चुकी है काफी लंबे समय तक ब्लैक हट हैकर रहा था। इसलिए 2017 में जब wannacry ransomware फैला तो उसने उसका तोड़ बड़ी आसानी से निकाल दिया। और रातों-रात 1 Cybertron हीरो बन गया।

दोस्तों मार्कस को जब लास वेगास के एक हैकिंग कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। वापस आते वक्त एयरपोर्ट पर उसे एफबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। क्योंकि एसबीआई को पता चल गया था Kronos Malware मार्कस ने बनाया था। मार्कस पर 10 आरोप लगे और 3 साल मुकदमा चलने के बाद उसे 2 आरोपों में दोषी पाया गया। जिसके फलस्वरूप उसे 5 साल जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी। लेकिन कोर्ट ने उस पर 1 साल कड़ी निगरानी रखने के बाद आजाद कर दिया।

यह article “WannaCry Ransomware attack क्या था? संपूर्ण जानकारी“पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया उम्मीद करता हुँ। कि इस article से आपको बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।