मोनालिसा की रहस्मई पेंटिंग- Mysterious fact about Monalisa painting in Hindi

मोनालिसा की रहस्मई  पेंटिंग- Mysterious fact about Monalisa painting in Hindi

500 साल पहले लियोनार्डो द विंची ने एक ऐसी पेंटिंग बनाई थी जिसमें सैकड़ों राज छुपे हुए हैं। एक ऐसा चेहरा जिसने सदियों से लोगों को हैरान और परेशान किए हुए हैं। Mona lisa यह अकेली पेंटिंग अपने में सैकड़ों राज छुपाए रखे हुए हैं। आज के इस आर्टिकल में हम मोनालिसा से जुड़ी रहस्यमई तथ्यों के बारे में जानेंगे जो शायद आपने कभी सुनी नहीं होगी।

1) 23 जून 1852 मे Luc Maspero नाम के एक young  आर्टिस्ट ने पेरिस के एक होटल के चौथे मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। वह मोनालिसा के रहस्य  मुस्कान के लिए पागल था। उसने एक suicide note भी छोड़ा जिसमें उसने वर्षों के प्यार और इंतजार की बात की थी।

2) मोनालिसा के बारे में जो सबसे रहस्यमई बात है जो कलाकारों और विचारको को सबसे ज्यादा सोचने पर मजबूर करती है वह मोनालिसा की मुस्कान है जो अलग-अलग angle से देखने पर अलग अलग दिखती है। मतलब बदलती रहती है।

पहली बार इस पेंटिंग को देखने पर यह मुस्कुराते हुए दिखती है फिर फीकी पड़ जाती है और अंत में गायब हो जाती है।

3) कुछ साल पहले डॉक्टर ने यह कह कर सबको हैरानी में डाल दिया की मोनालिसा की रहस्यमई मुस्कान का राज है उसके ऊपरी दो दांतों का टूटा होना। और यही वजह है कि उसका उपरी होठ थोड़ा दबा हुआ है।

सन 2000 में Harvard University के एक न्यूरोसाइंटिस्ट ने यह बताया कि मोनालिसा की मुस्कान नहीं बदलती। बल्कि इंसान का mind set बदलता है। मतलब कि यह आपके दिमाग का खेल है जैसा आप मोनालिसा को देखना चाहते हो यह वैसा ही दिखेगा। यह इस चीज पर निर्भर करता है कि आप किस चीज पर focus कर रहे हो।

4) Leonardo da Vinci ने मोनालिसा को 1503 मे  बनाना शुरू किया था। और 1517 तक इस पर काम करते रहे। उन को सबसे ज्यादा समय मोनालिसा के होंठ को बनाने में लगा था।

5) मोनालिसा एक बेहद खूबसूरत पेंटिंग है और शुरू से ही काफी मशहूर है लेकिन इसकी लोकप्रियता तब बढ़ी जब इसे पेरिस के एक museum से चुरा लिया गया था।

6) दुनिया के सबसे मशहूर पेंटिंग को दुनिया के सबसे बड़े museum से चुरा लेना है एक बड़ी हैरान कर देने वाली घटना थी। लेकिन इससे भी हैरान कर देने वाली बात यह थी इसके चोरी के इल्जाम मे जिस व्यक्ति को शक के घेरे में रखा गया था।  वह थे एक महान पेंटर Pablo Picasso बाद में काफी पूछताछ के बाद उन पर से यह इल्जाम हटा दिया गया।

7) 21 अगस्त 1911 को इस पेंटिंग को चुराया गया था लेकिन उस दिन इस चोरी की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस पर अगले दिन नोटिस किया गया। और फिर investigation के लिए Museum 1 हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया। और काफी छानबीन के बाद पता चला कि इस पेंटिंग को museum के एक worker “Vincenzo peruggia” ने ही चुराया था।

वह म्यूजियम के एक छोटे से कमरे में छिप गया था। म्यूजियम के बंद हो जाने के बाद वो कमरे से निकला और पेंटिंग को कोर्ट में छुपाकर फरार हो गया था।

8) 2 साल बाद इस पेंटिंग का पता लगा जब Vincenzo इस पेंटिंग को इटली के फ्लोरेंस शहर के Art Museum के डायरेक्टर को बेचने के लिए जा रहा था। दो हफ्तों तक इस पेंटिंग को इटली के उसी म्यूजियम में रखा गया। फिर 4 जनवरी 1914 को वापीस से पेरिस के म्यूजियम में लाया गया।

Vincenzo को इस गुनाह के लिए 6 महीने की जेल हुई।

9) मोनालिसा की एक जुड़वा पेंटिंग भी मौजूद है जो बिल्कुल लिओनार्दो दा विंची के मोनालिसा पेंटिंग जैसी दिखती है। कहा जाता है दूसरी पेंटिंग को लिओनार्दो दा विंची के टाइम में  उनके student  “Francesco Melzi” ने बनाया था।

यह दूसरी पेंटिंग स्पेन की राजधानी Madrido के म्यूजियम में रखी गई है

10) आज तक यह बात रहस्य है कि मोनालिसा कौन थी यह तस्वीर किसकी बनाई गई थी, यह कौन औरत थी ज्यादातर इतिहासकारों का मानना है इस पेंटिंग में जो औरत है। वह Lisa gherardini की है। जोकि फ्लोरेंस की एक इटालियन औरत थी।

लेकिन एक विरोधाभास यह भी है की मोनालिसा पेंटिंग, द विंची की खुद की तस्वीर है। मतलब कि उन्होंने इस पेंटिंग में खुद को एक औरत के रूप में दिखाया था।

11) इस पेंटिंग को कई बार नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी की जा चुकी है। 1956 में एक bolivarian tourist ने मोनालिसा पर एक पत्थर फेंका था। जिसकी वजह से मोनालिसा की बाएं हाथ की कोनी के पास एक छोटा सा निशान आ गया था। बाद में से restore कर दिया गया।

इसके बाद इसकी सुरक्षा को देखते हुए इस पेंटिंग को एक बुलेट प्रूफ गिलास के अंदर रखा गया।

12) द विंची एक अच्छे writer भी थे। लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह थी उन्होंने इस पेंटिंग के बारे में कहीं भी नहीं लिखा।

13) द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मोनालिसा पेंटिंग को 6 बार इसकी जगह से हटाया गया ताकि यह बेशकीमती  पेंटिंग जर्मन नाजियो के हाथ ना चली जाए।

14) दविंची के एक स्टूडेंट ने 1514-1516 के बीच मोनालिसा पेंटिंग का एक nude version भी बनाया था। जिसे Mona Vanna कहां जाता है। इसके हाथ और बॉडी की पोजीशन बिल्कुल मोनालिसा की तरह है।

15) द विंची ने मोनालिसा को पेंट करने में 30 से भी ज्यादा लेयर्स का इस्तेमाल किया था। उनमें से कुछ लेयर  तो इंसानी बालों से भी बारीक थी।

16) Guinness World Record के अनुसार मोनालिसा दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग है। 1962 में इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर आंकी गई थी। 2019 में 700 मिलियन डॉलर के आसपास है।

17) 1519 में विंची के मृत्यु के बाद मोनालिसा फ्रांस के राजाओं के private collection का हिस्सा बन गई। यह पेंटिंग नेपोलियन को इतनी पसंद आई थी कि कुछ समय के लिए उन्होंने इसे अपने बेडरूम में लगवा दिया था।

18) मोनालिसा पेंटिंग की साइज 30×21 inches की है। और इसका वजन 8 किलोग्राम है। Leonardo da Vinci ने इसे पेपर पर नहीं बनाया था बल्कि लकड़ी के पैनल पर ऑयल पेंट से बनाया था।

19) जब आप इस पेंटिंग को देखते हो मोनालिसा की आइब्रो नहीं दिखता है। अब सवाल उठता है कि  द विंची ने मोनालिसा की आइब्रो क्यों नहीं बनाई थी?

सन 2017 में एक French inventor पास्कल कोर्ट ने high resolution scene से पता लगाया कि Leonardo da Vinci मोनालिसा की आइब्रो को बनाया था। जो टाइम के साथ धीरे-धीरे गायब हो गए।

20) 2003 में अमेरिकन author Dan Brown का एक नोबल आया था। ” The Vinci Code” शायद आप में से कुछ लोगों ने इसे पढ़ा हो। इस नोबेल पर आधारित बनी फिल्म vinci code जरूर देखी होगी।

इस फिल्म में दिखाया गया है मोनालिसा की पेंटिंग में secret codes छुपे हुए हैं। अपने नोबेल का पब्लिसिटी करते हुए Dan Brown ने दावा किया था” कि वह मानते हैं की पूरी किताब फिक्शन पर आधारित है लेकिन बुक में जो information दी गई है वह सत्य पर आधारित है ” जिसके लिए उन्होंने काफी रिसर्च की है।

इस किताब और फिल्म का ईसाईयों ने जमकर विरोध किया था क्योंकि उनका मानना था यह  हिस्टोरिकल incorrect है।

21) बहुत लोगों का मानना है Leonardo da Vinci के मरने के बाद उनकी पेंटिंग मोनालिसा को दोनों तरफ से थोड़ा-थोड़ा काट दिया गया है। क्योंकि मोनालिसा की जो शुरुआती replica है जो vinci के समय के ही पेंटर  ने बनाई थी। उनमे दोनों तरफ पिलर दिखाई देते है।

22) क्या आपने कभी सोचा इटली की सबसे मशहूर पेंटिंग मोनालिसा इटली में क्यों नहीं है। यह पेंटिंग फ्रांस कैसे चली गई। 1516 में davinci फ्रांस के राजा King Francis-1 के कहने पर फ्रांस आ गए थे। और मोनालिसा को भी अपने साथ ले गए। और वहीं पर अपने पेंटिंग पर भी काम करते रहें। 1519 में Leonardo da Vinci की फ्रांस में ही मृत्यु हो गई।

उनकी मृत्यु के बाद मोनालिसा को उनके विधार्थी salai को सौंप दिया गया। यह कहा जाता है Salai ने ही इस  पेंटिंग को King Francis को बेच दिया। जिसके बदले उन्हें 4000 सोने के सिक्के मिले। इसके बाद यह पेंटिंग फ्रांस के palace of fontainebleau मे रखी गई। फिर King Louis ने इसे palace of Versailles मे भेज दिया।

23) 1963 में फ्रांस की सरकार ने मोनालिसा को 2 महीने के लिए United State भेज दिया। वहां की म्यूजिक में दिखाने के लिए, तीन हफ्तों के लिए इसे National gallery of art मे प्रदर्शित किया गया। और तीन हफ्तों के लिए न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन शहर के Metropolitan Museum of Art मे प्रदर्शित किया गया।

एक व्यक्ति को सिर्फ 20 सेकेंड का समय मिलता था मोनालिसा को देखने के लिए आपको यह जानकर हैरानी होगी उस वक्त इतनी लंबी लाइन लगती थी कि एक व्यक्ति को इस पेंटिंग की एक झलक पाने के लिए दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता था।